UP: प्रेस कॉन्फ्रेंस में चले लात-घूंसे! गोरखपुर थप्पड़कांड पर अखिलेश यादव का बड़ा एक्शन, भंग की सपा की पूरी जिला यूनिट
Akhilesh Yadav: गोरखपुर में कथित तौर पर पार्टी ऑफिस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुई हाथापाई के बाद अखिलेश यादव ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से गोरखपुर एग्जीक्यूटिव कमेटी को भंग कर दिया है।
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Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी की गोरखपुर प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुए विवाद के बाद पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। अखिलेश ने गोरखपुर में पार्टी की पूरी कार्यकारिणी समिति को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है और गोरखपुर के जिला अध्यक्ष व शहर अध्यक्ष, दोनों को उनके पदों से भी हटा दिया है।
यह कदम शनिवार, 3 अक्तूबर को हुई एक घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें पार्टी कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित तौर पर हाथापाई हुई थी, जिससे पूर्वांचल क्षेत्र में पार्टी को भारी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा था। यह घटना 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले हुई है।
गोरखपुर में विवाद के बाद SP का बड़ा एक्शन
पार्टी नेतृत्व ने मुख्य जिला और शहर इकाइयों के सभी पदाधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है। गोरखपुर में SP के सभी फ्रंटल संगठनों और सहयोगी विंग्स के पदाधिकारियों को भी उनके पदों से हटा दिया गया है। अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत गोरखपुर के जिला अध्यक्ष और शहर अध्यक्ष, दोनों को हटा दिया गया है।
बैठने को लेकर हुआ था विवाद
गोरखपुर सपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शनिवार को उस समय हंगामा हो गया था, जब समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी और पार्टी नेता अंशुमान सिंह के समर्थकों के बीच बैठने को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते यह विवाद लात-घूंसे में बदल गया। इसके बाद रविवार को सपा प्रमुख ने बड़ा एक्शन लेते ही गोखपुर की पूरी जिला यूनिट को भंग कर दिया।
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सीट-शेयरिंग को लेकर सपा का निर्देश
इससे पहले शनिवार को, SP प्रमुख ने पार्टी नेताओं के लिए एक आदेश जारी किया, जिसमें उनसे कहा गया कि वे सीट-शेयरिंग बातचीत और कांग्रेस के बारे में अपनी राय सिर्फ़ पार्टी के अंदर ही रखें। राजधानी लखनऊ में एक कार्यक्रम में पत्रकारों से बात करते हुए, अखिलेश यादव ने अपनी ही पार्टी के सांसद शिव पाल सिंह पटेल की तीखी टिप्पणियों के बाद सार्वजनिक रूप से हो रही बहस को शांत करने की कोशिश की।
अखिलेश यादव ने कहा, "मैं अपने सभी नेताओं से कहना चाहता हूं कि सीट-शेयरिंग को लेकर उनकी जो भी राय या चिंताएँ हैं, उन्हें हमारे साथ साझा करना चाहिए।"