'कांग्रेस के DNA में लोकतंत्र-जनादेश का अपमान करना': ECI विवाद के बीच शिवराज सिंह चौहान का राहुल गांधी पर तीखा प्रहार

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर कड़ा हमला करते हुए आरोप लगाया कि 'लोकतंत्र और जनादेश का अपमान करना कांग्रेस के DNA में हैं'

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Insulting democracy, disrespecting public mandate is in Congress DNA Shivraj Singh Chouhan
'लोकतंत्र-जनादेश का अपमान करना कांग्रेस के DNA में', शिवराज सिंह चौहान | Image: ANI

CEC Controversy: रविवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे विवाद के बीच कांग्रेस पर कड़ा हमला करते हुए आरोप लगाया कि हार मिलने पर जनता के जनादेश का अपमान करना कांग्रेस की "पुरानी आदत" है और यह कांग्रेस पार्टी के "DNA" में गहराई से बसा हुआ है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने अपने एक्स हैंडल (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में दावा किया कि जब भी चुनाव के नतीजे कांग्रेस के पक्ष में नहीं होते, तो पार्टी ने हमेशा चुनाव आयोग को बदनाम करने और संवैधानिक प्रक्रियाओं पर सवाल उठाने की कोशिश की है।

'कांग्रेस के DNA में लोकतंत्र का अपमान करना'-शिवराज सिंह चौहान

शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि '"हारने पर जनता के जनादेश का अपमान करना कांग्रेस की पुरानी आदत है; यह कांग्रेस के DNA में है। भारत का लोकतंत्र दुनिया में सबसे मजबूत है और एक वैश्विक उदाहरण है। लेकिन लोकतंत्र का अपमान करना, संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करना, चुनाव हारने पर चुनाव आयोग को बदनाम करना और जनता के जनादेश का अनादर करना—यह सब कांग्रेस के DNA में है।"

जीते तो चुनाव आयोग ठीक, हरे तो गलत

चौहान ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर हमला करते हुए सवाल पूछा कि '"कांग्रेस की यह कैसी बात है? अगर कांग्रेस चुनाव जीतती है तो चुनाव आयोग ठीक है, लेकिन अगर वे हार जाते हैं तो चुनाव आयोग में खामियां हैं? आखिर वे कर्नाटक में कैसे जीते? वे तेलंगाना में कैसे जीते? वे हिमाचल प्रदेश में कैसे जीते?"

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कांग्रेस के बैलेट पेपर चुनाव पर भी चौहान ने घेरा

कांग्रेस के बैलेट पेपर चुनाव की मांग को खारिज करते हुए चौहान ने कहा "वे कहते हैं कि अब चुनाव बैलेट पेपर से होने चाहिए। कांग्रेस इस देश को कहां ले जाना चाहती है? 80 और 90 के दशक को याद कीजिए, जब पोलिंग बूथ पर कब्जा (लूट) कर लिया जाता था? एक ही व्यक्ति सभी बैलेट पेपर पर ठप्पा लगा देता था। क्या कांग्रेस देश को उस दौर में वापस ले जाना चाहती है? टेक्नोलॉजी पारदर्शी प्रक्रियाओं के माध्यम से चुनाव कराने में मदद करती है - कांग्रेस इसका विरोध क्यों करना चाहती है?"

इमरजेंसी लगाकर लोकतंत्र को कमजोर किया गया

"चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति संसद द्वारा पारित कानून के ज़रिए की जाती है। कांग्रेस के कार्यकाल का वह दौर याद कीजिए जब सिर्फ़ प्रधानमंत्री ही चुनाव आयुक्त की नियुक्ति करते थे। मैं फिर से कहना चाहता हूँ कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को कमज़ोर करने का खतरनाक खेल खेल रही है।

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अगर वे हारते हैं, तो संवैधानिक संस्थाएँ गलत हैं, सिस्टम गलत है, इसे गिरा दो, इसे नष्ट कर दो, देश को अराजकता में धकेल दो। यह एक पाप है, सरासर पाप है! वे लोकतंत्र को कमजोर करने का पाप सिर्फ आज नहीं कर रहे हैं; उन्होंने अतीत में भी इमरजेंसी लगाकर ऐसा किया है।' 

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Published By:
 Sahitya Maurya
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