अखिलेश-शिवपाल की जुबान पर DNA से लेकर नार्को टेस्ट का राग, लेकिन अयोध्या के 'अधर्मी' का नाम तक नहीं

Ayodhya Case: अखिलेश यादव कह रहे हैं कि DNA टेस्ट होना चाहिए, शिवपाल कह रहे हैं कि नार्को टेस्ट होना चाहिए। लेकिन मोईद खान के ऊपर पार्टी कार्रवाई नहीं कर रही।

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Ayodhya Gang Rape Case
अखिलेश-शिवपाल की जुबान पर DNA से लेकर नार्को टेस्ट का राग | Image: Republic

Ayodhya Gang Rape Case: अयोध्या में 12 साल की नाबालिग के साथ हुए गैंगरेप के आरोपी सपा नेता मोईद खान के खिलाफ अखिलेश यादव के मुंह से शब्द नहीं निकल रहा है। अखिलेश यादव से लेकर शिवपाल यादव और सपा सांसद अवधेश प्रसाद तक किसी की जुबान पर गैंगरेप के आरोपी मोईद खान का नाम नहीं है। DNA से लेकर नार्को टेस्ट का राग अलाप रहे हैं, लेकिन आरोपी पर कुछ नहीं बोल रहे हैं। इस चुप्पी को बीजेपी वोटबैंक और तुष्टिकरण वाली राजनीति बता रही है।

अखिलेश यादव कह रहे हैं कि DNA टेस्ट होना चाहिए, शिवपाल यादव कर रहे हैं कि नार्को टेस्ट होना चाहिए। अखिलेश के पीछे-पीछे सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भी DNA टेस्ट का राग पकड़ लिया है। लेकिन इन नेताओं को गैंगरेप पीड़ित से मिलने तक का वक्त नहीं है, कोई सपा नेता पीड़ित परिवार से मिलने तक नहीं गया। जिस मोईद खान पर आरोप लगा है उसका समाजवादी पार्टी से कनेक्शन निकला है, लेकिन उस पर मुंह से बोल नहीं फूट रहे हैं। तो सवाल है कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी है जो DNA से लेकर नार्को टेस्ट तक ही बात कहने वाले आरोपी मोईद खान के लिए एक शब्द नहीं बोले। पार्टी की तरफ से आरोपी मोईद खान के खिलाफ कोई एक्शन भी नहीं हुआ है।

राजनीतिकरण का राग

घटना के 5 दिन बाद अखिलेश यादव के X पर पोस्ट किया। जिसमें DNA टेस्ट का जिक्र होता है। रविवार को उन्होंने एक और पोस्ट किया। जिसमें लिखा कि रेप पीड़ित के लिए सरकार अच्छे-से-अच्छा चिकित्सीय प्रबंध कराए। बालिका के जीवन की रक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है। माननीय न्यायालय से विनम्र आग्रह है कि स्वत: संज्ञान लेकर स्थिति की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए अपने पर्यवेक्षण में पीड़ित की हर संभव सुरक्षा सुनिश्चित करवाएं। बदनीयत लोगों का इस तरह की घटनाओं का राजनीतिकरण करने का मंसूबा कभी कामयाब नहीं होना चाहिए।

क्या वोट बैंक बन रहा कारण?    

जिस मोईद खान पर गैंगरेप का आरोप लगा है, वो अयोध्या के भदरसा में सपा का अध्यक्ष है। मुस्लिम वर्ग के बीच उसकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। भदरसा में 18 हजार के करीब आबादी है। जिसमें से 10 हजार मुस्लिम वोटर हैं यानी कुल आबादी का करीब 60 प्रतिशत। इसी वोटबैंक की बदौलत लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को भर-भर के वोट मिले थे। इसी वोटबैंक के एक मुश्त वोट की बदौलत अवधेश प्रसाद संसद तक पहुंचे हैं। इस मामले में शायद अखिलेश यादव से लेकर अवधेश प्रसाद तक की खामौशी के पीछे यही वोटबैंक कारण बना हुआ है।

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मिल्कीपुर में उपचुनाव

अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के लिए अयोध्या का ये केस गले की ऐसी हड्डी बन चुका है, जिसे वो ना निगल पा रहे हैं और ना उगल पा रहे हैं। इसका कारण ये है कि प्रदेश की कई विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने वाला है। अयोध्या की मिल्कीपुर सीट पर भी वोटिंग होनी है। मिल्कीपुर में मुस्लिम वोटर्स की संख्या 35 हजार के करीब है साथ ही यादव वोटर भी 60 हजार है जो निर्णायक भूमिका में रहते हैं। ऐसे में अखिलेश यादव मोईद खान के खिलाफ कोई भी बयान देते हैं तो इससे उन्हें मुस्लिम वोटरों के छिटकने का डर सता है।

अखिलेश यादव की जो भी मजबूरी हो, लेकिन सीएम योगी की लाइन एकदम क्लियर है कि ना तो अपराध बचेगा ना अपराधी। योगी सरकार में हर अपराधी का नंबर आएगा। अभी नंबर मोईद खान का है जिस पर बुलडोजर एक्शन लेकर उसके ठिकानों को मिट्टी में मिलाया जा रहा है। 

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Published By:
 Sagar Singh
पब्लिश्ड