सिर पर पगड़ी, गले में माला और... जब जन्मदिन मनाने घुटनों तक नाले के गंदे पानी में उतरे BJP पार्षद, बस्ती वालों के साथ काटा केक- VIDEO
लंबे वक्त से पार्षद बुरी तरह नाराज थे। ऐसे में उन्होंने गुरुवार शाम विरोध की अनोखी तरकीब निकाली। वह जन्मदिन मनाने के लिए नए कपड़े, पगड़ी और माला पहन गंदे नाले के पानी में उतर गए।
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BJP Councillor Cuts Cake into Filthy Drain: उत्तर प्रदेश के आगरा में एक बीजेपी पार्षद ने नगर निगम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का बेहद अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने घुटने तक भरे नाले के गंदे पानी में खड़े होकर अपने जन्मदिन का केक काटा। इस अजीबोगरीब 'बर्थडे पार्टी' की गवाह पूरी बस्ती बनी। अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
यह पूरा मामला लंगड़े की चौकी हनुमान मंदिर के पास का बताया जा रहा है। यहां लंबे वक्त से नाले के निर्माण और सफाई न होने से पार्षद किशन नायक बुरी तरह नाराज थे। इसके कारण स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
भाजपा पार्षद का गुस्सा फूट पड़ा
बार-बार शिकायत के बाद भी जब नगर निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की तो क्षेत्रीय भाजपा पार्षद का गुस्सा फूट पड़ा। ऐसे में उन्होंने नगर निगम को जगाने के लिए गुरुवार शाम विरोध की यह अनोखी तरकीब निकाली। वह खुद गंदे पानी से लबालब नाले में उतर गए और वहीं अपना केक काटकर नगम निगम के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की।
हाथ में दिख रहे बैनर पर क्या लिखा?
इस दौरान गुस्साए पार्षद के समर्थकों के हाथ में एक बैनर भी था, जिसने ध्यान खींच लिया। इस बैनर पर लिखा था, 'हनुमान जी कल्याण करें।' आरोप है कि इस संबंध में पार्षद किशन नायक लगभग 30 से ज्यादा पत्र मेयर और नगर आयुक्त को दे चुके हैं। इसके बावजूद अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया।
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30 से ज्यादा पत्र लिखने के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
उनके मुताबिक, यह नाला सुल्तानगंज की पुलिया से लंगड़े की चौकी होते हुए जीवनी मंडी रोड के रास्ते यमुना तक जाता है। यह शाही कैनाल थी, जो नाला बना दी गई है। पार्षद बने तीन साल हो चुके हैं, मगर नाले का निर्माण नहीं कराया जा सका है। उन्होंने बताया कि इसे लेकर 30 से ज्यादा पत्र मेयर और नगर आयुक्त को दिए जा चुके हैं।
कई लोगों की जिंदगी लील चुका नाला
इस नाला अब तक हंसते-खेलते कई लोगों की जिंदगी छीन चुका है। इसमें गिरने से अब तक दो बच्चों और एक किसान की मौत हो चुकी है। जबकि एक बच्चे का पता नहीं चल सका है। हर दिन यहां एक नया खतरा मंडराता है। उन्होंने नगर निगम के अधिकारी पर संवेदनहीन होने का आरोप भी लगाया।