संभल में आक्रांता सैयद सालार की याद में लगने वाले नेजा मेले पर बैन से मचा बवाल, अब बहराइच में भी जेठ मेले को लेकर उठी मांग

उत्तर प्रदेश के संभल में हर साल लगने वाले नेजा मेला की इजाजत न मिलने के बाद अब बहराइच के जेठ मेले को बंद करने की मांग उठने लगी है।

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demand to stop Jeth fair in Bahraich
संभल में नेजा मेला के बाद अब बहराइच के जेठ मेले को बंद करने की उठी मांग | Image: Republic

उत्तर प्रदेश के संभल में हर साल लगने वाले नेजा मेला की इजाजत न मिलने के बाद अब बहराइच के जेठ मेले को बंद करने की मांग उठने लगी है। संभल के नेजा मेला के बाद अब बहराइच में लगने वाले जेठ मेले पर भी बवाल शुरू हो गया है। सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह की पर लगने वाले मेले को बंद करने की मांग उठी है।

हिंदू संगठनों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह की पर लगने वाले मेले को बंद करने की मांग की है। संभल में नेजा मेले पर रोक का हवाला देकर बहराइच के मेले को बंद करने की मांग की गई है। विश्व हिंदू परिषद के विधि प्रकोष्ठ ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। संभल में ASP की ओर नेजा मेले की अनुमति न देने वाले वीडियो के वायरल होने के बाद अब बहराइच में भी मामले सामने आया है। अब दरगाह में लगने वाले जेठ मेले को बंद करने की उठ मांग रही है।

संभल में नेजा मेला के आयोजन की इजाजत नहीं- श्रीश चंद्र,  एएसपी संभल

एएसपी संभल श्रीश चंद्र ने कहा कि संभल में नेजा मेला काफी समय से आयोजित होता रहा है, इसके आयोजन आज आयोजन की अनुमति के लिए मुझे मिले थे, साथ ही कुछ लोग नेजा मेला के विरोध में भी आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। इस संदर्भ में तथ्यात्मक रूप से यह पाया गया कि यह नेजा मेला अब्दुल सालार गाजी की स्मृति में मनाया जाता है, जो कि एक लुटेरा था और आताताई था। जिसने सोमनाथ मंदिर सहित बहुत सारे मंदिरों पर ध्वंस किया था, साथ ही काफी हत्याएं की। इस तरह के लुटेरे और हत्यारे की स्मृति में इस तरह का आयोजन किया जाना सर्वथा अनुचित है तथा देशद्रोह है।

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कौन था सैयद सालार मसूद गाजी और संभल में विवाद क्या है?

सैयद सालार मसूद गाजी को महमूद गजनवी का भांजा बताया जाता है। सैयद सालार मसूद गाजी को लेकर कहा जाता है कि वो एक क्रूर शासन था। उसने कई बार भारत पर आक्रमण किए थे और देश के खजाने को लूटा था। इतना ही नहीं, सैयद सालार मसूद गाजी को लेकर ये भी बोला जाता है कि उसने हिंदुओं पर काफी अत्याचार किए थे और भारत में जबरन धर्म परिवर्तन करवाए थे। लोकसभा चुनाव के दौरान भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसको लेकर सवाल खड़े किए थे। गाजी की बहराइच में कब्र भी बनी हुई है। फिलहाल संभल प्रशासन ने कहा कि ऐसी कोई परंपरा नहीं है और इस तरह के मेले का कोई आयोजन नहीं होगा।

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Published By:
 Deepak Gupta
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