Sambhal: 46 साल बाद खुला मंदिर, खुदाई में भगवान की 3 मूर्तियां, 5 पन्नों की रिपोर्ट; अबतक क्या हुआ?

मंदिर कैसे मिला, मंदिर को कैसे अतिक्रमण में दबाया गया था और कुआं को कैसे छिपाया गया था... इस सबकी जानकारी इस रिपोर्ट के जरिए शासन को दी गई है।

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Sambhal Mandir
Sambhal Mandir | Image: Republic

Sambhal Mandir News: उत्तर प्रदेश के संभल में शिव-हनुमान मंदिर का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। 46 साल से बंद पड़े इस मंदिर में पहले शिवलिंग और अब कुएं की खुदाई के दौरान भगवान की 3 मूर्तियां मिली हैं। ये प्रतिमा भगवान गणेश, कार्तिकेय और पार्वती जी की बताई जा रही है। इस बीच संभल में मिले इस मंदिर से जुड़ी एक रिपोर्ट भी सौंपी गई है।

मंदिर 46 सालों से बंद पड़ा था। ऐसा कहा जा रहा है कि दंगों के बाद जब हिंदू पलायन कर रहे थे, तब से ये मंदिर बंद था। हालांकि अब इसे दोबारा खोला गया है और मंदिर में पूजा अर्चना शुरू हुई।

संभल जिला प्रशासन ने भेजी रिपोर्ट

इसी दौरान संभल जिला प्रशासन ने इस मंदिर, कुएं और मूर्तियों से जुड़ी रिपोर्ट शासन को भेजी। मंदिर कैसे मिला, मंदिर को कैसे अतिक्रमण में दबाया गया था और कुआं कैसे अतिक्रमण कर छिपा दिया गया था... इस सबकी जानकारी इस रिपोर्ट के जरिए शासन को दी गई है। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट में कुएं की खुदाई के दौरान मिली मूर्तियों का भी जिक्र किया है।

कैसे मिला प्राचीन मंदिर?

बता दें कि बीते दिनों पुलिस-प्रशासन के अवैध बिजली कनेक्शन के खिलाफ अभियान के दौरान इस मंदिर का पता चला। मंदिर के अंदर हनुमान जी, शिवलिंग और नंदी की मूर्तियां मिलीं। यहां ये भी जान लें कि जहां से यह मंदिर मिला है, वहां से सपा सांसद जियाउर रहमान बर्क महज 200 मीटर की दूरी पर है।

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46 साल बाद भक्तों के लिए खुला मंदिर

1978 से बंद रखे इस मंदिर को साफ-सफाई के श्रद्धालुओं के लिए खोला गया। इसके बाद बड़ी संख्या में हिंदू मंदिर में पूजा के लिए आ रहे हैं। भक्तों ने मंदिर में आरती भी शुरू कर दी। प्राचीन भगवान शिव मंदिर के पास एक कुआं भी मिला।

कुएं की खुदाई में मिलीं भगवान की मूर्तियां

संभल में मिले इस मंदिर में आज (16 दिसंबर) को सोमवार के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिव मंदिर में दर्जन के लिए पहुंचे। इस दौरान भक्तों ने भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और पूजा अर्चना भी की। इस बीच ही मंदिर के पास बने कुएं की खुदाई की गई। खुदाई के दौरान ही कुएं से यह मूर्तियां मिली। प्रतिमा 20 फीट गहरे गड्ढे में से मिली हैं।

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यह प्रतिमाएं भगवान गणेश, कार्तिकेय और पार्वती जी की बताई गई। इन प्रतिमाओं को पुलिस को सौंप दिया गया है।

‘प्राचीन संभलेश्वर महादेव’ रखा गया मंदिर का नाम

मंदिर इससे पहले सोमवार को सुबह ही मंदिर का नाम भी रखा गया। इसका नाम "प्राचीन संभलेश्वर महादेव" रखा गया। इसके साथ ही मंदिर की दीवारों पर ‘ॐ नमः शिवाय’ और ‘हर हर महादेव’ भी लिखे गए। इस दौरान भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और मंत्रोच्चारण के साथ आरती की।

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Published By:
 Ruchi Mehra
पब्लिश्ड