दिवाली के दिन मोबाइल पर आया मैसेज और एक साथ प्रेगनेंट हुईं इस गांव की 35 कुंवारी लड़कियां ! हड़कंप

वाराणसी के मलहिया गांव में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया, जहां 35 से 40 कुंवारी लड़कियों को अचानक एक मैसेज मिला, जिसमें उन्हें गर्भवती घोषित कर दिया गया।

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unmarried girls pregnant
मोबाइल पर आया मैसेज और एक साथ प्रेगनेंट हुईं इस गांव की 35 कुंवारी लड़कियां | Image: Shutterstock / Representative

Unmarried Girls Pregnant: दिवाली के मौके पर वाराणसी के मलहिया गांव में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया जिसने गांव में हड़कंप मचा दिया। यहां 35 से 40 कुंवारी लड़कियों को अचानक एक मैसेज मिला, जिसमें उन्हें गर्भवती घोषित कर दिया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से आए इस मैसेज में कहा गया कि इन लड़कियों का पोषण ट्रैकर में पंजीकरण हो गया है और वे स्तनपान परामर्श, टीकाकरण और पुष्टाहार जैसी सेवाओं का लाभ ले सकती हैं। इस मैसेज को पाकर लड़कियों और उनके परिवारों में अफरातफरी मच गई।

गांव के प्रधान अमित पटेल ने एक मीडिया रिपोर्ट में बताया कि 'यह मामला तब सामने आया जब गांव की लड़कियों के वोटर आईडी संशोधन के लिए उनके आधार कार्ड इकट्ठा किए गए थे। उसी दौरान लड़कियों के मोबाइल पर एक के बाद एक गर्भवती घोषित करने वाले मैसेज आने लगे। जब परिवार वालों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से इस बारे में सवाल किया, तो वह झगड़ा करने पर उतर आई। धीरे-धीरे, इस तरह के मैसेज 35-40 लड़कियों को मिले।' 

मैसेज में लिखा था- 'बधाई हो'? 

लड़कियों को जो मैसेज मिला उसमें लिखा था, 'बधाई हो' आपका पोषण ट्रैकर में पंजीकरण हो चुका है। आप स्तनपान परामर्श, टीकाकरण जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकती हैं। अधिक जानकारी के लिए 14408 पर कॉल करें।' इसके अलावा, एक अन्य मैसेज में टेक होम राशन (THR) की जानकारी दी गई थी।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की निकली गलती 

गांववालों की शिकायत पर मुख्य विकास अधिकारी (CDO) हिमांशु नागपाल ने जांच कराई। उन्होंने बताया कि इस गलती की वजह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मानवीय भूल थी। दरअसल, यह कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के पोषण ट्रैकर के साथ-साथ वोटर रजिस्ट्रेशन का काम भी कर रही थी। जांच में पाया गया कि वोटर रजिस्ट्रेशन और पोषण ट्रैकर के फॉर्म मिक्स हो गए, जिसके चलते कुंवारी लड़कियों को गर्भवती मानते हुए मैसेज भेज दिए गए। 

पोर्टल से गलत जानकारी हटाई गई  

मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल ने आगे बताया कि 'यह गलती मानवीय भूल का परिणाम है। जांच में पुष्टि हुई कि इन लड़कियों के नाम से कोई पुष्टाहार जारी नहीं किया गया था। शिकायत मिलने के बाद तुरंत पोर्टल से गलत जानकारी हटा दी गई। हालांकि, प्रशासन ने इस घटना पर संज्ञान लेते हुए संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को नोटिस जारी कर दिया है और मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।

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Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड