पाकिस्तानी व्हाट्सएप ग्रुप, 600 से अधिक नंबर, कैसे गेम खेल रहा था वाराणसी का तुफैल; जासूसी के आरोपी पर कई और बड़े खुलासे

उत्तर प्रदेश ATS ने तुफैल को गिरफ्तार किया था और लगातार पूछताछ का सिलसिला चल रहा है। इस बीच सूत्रों के हवाले से जानकारी आई कि तुफैल पाकिस्तान के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ा था और इसमें 600 के करीब नंबर थे।

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Mohammad Tufail Varanasi
वाराणसी में तुफैल को जासूसी के आरोप में पकड़ा गया. | Image: R Bharat

Varanasi News: भारत की जांच एजेंसियां इन दिनों देश के भीतर बैठे जासूसों पर शिकंजा कस रही हैं। ज्योति मल्होत्रा जैसे यूट्यूबर से लेकर उत्तर प्रदेश के वाराणसी के रहने वाले तुफैल तक 15 के करीब आरोपी अभी तक जांच एजेंसियों की रडार पर आ चुके हैं। फिलहाल यहां वाराणसी में पकड़े गए तुफैल को लेकर नई जानकारी है और पूछताछ में ऐसे-ऐसे खुलासे हुए हैं, जिससे इस बात की पूरा आशंका जताई जा रहा है कि तुफैल कथित तौर पर लंबे समय से जासूसी कर रहा था और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल था।

उत्तर प्रदेश ATS ने तुफैल को गिरफ्तार किया था और लगातार पूछताछ का सिलसिला चल रहा है। इस बीच सूत्रों के हवाले से जानकारी आई कि तुफैल पाकिस्तान के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ा था और इसमें 600 के करीब नंबर थे। आरोप हैं कि व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के बाद उसे नफीसा नाम की महिला से संपर्क करने को कहा गया था। नफीसा से संपर्क में आने के बाद तुफैल ने कथित तौर पर भारत की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी उसे भेजी। सूत्रों के हवाले से ये भी जानकारी मिल रही है कि तुफैल नफीसा को कई महत्वपूर्ण जगहों की फोटो और वीडियो भेजता था। तुफैल ने एक-दो बार तो नेपाल के रास्ते नफीसा को गिफ्ट भिजवाया था। हालांकि उस गिफ्ट में क्या था इसका पता उत्तर प्रदेश AST लगाने की कोशिश कर रही है।

तुफैल को लेकर एक और चौंकाने वाला खुलासा

सूत्रों के मुताबिक, तुफैल काफी कट्टर है और दावा है कि तुफैल गजवा-ए-हिंद और शरीयत कानून को हिंदुस्तान में लागू किए जाने की बातें कहता था। पुष्टि नहीं है, लेकिन सूत्रों का दावा ये भी है कि तुफैल पाकिस्तान के जिन व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़ा था, उन ग्रुपों में अक्सर बाबरी विध्वंस की घटना को शर्मनाक बताया करता था। साथ ही साथ मौलाना साद रिजवी के भड़काऊ तकरीरों वाले वीडियो शेयर करता था।

उत्तर प्रदेश ATS क्या जानकारी हासिल करने में लगी है?

उत्तर प्रदेश ATS अब तुफैल के मोबाइल फोन से जानकारी जुटा रही है। दावा है कि तुफैल ने मऊ और आजमगढ़ के मुस्लिम युवाओं को धार्मिक भावनाओं के आधार पर अपने साथ जोड़ा रखा था, इसलिए यूपी ATS अब ये भी पता लगा रही है कि पाकिस्तानी नागरिकों के साथ व्हाट्सएप ग्रुप में और कौन कौन लोग जुड़े थे और तुफैल ने अब तक कितनी सेंसटिव जानकारी पाकिस्तान को भेजी है?

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Published By:
 Dalchand Kumar
पब्लिश्ड