4 दिवसीय भारत दौरे के लिए कोलकाता पहुंचे अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, PM मोदी-जयशंकर संग होगी बैठक; जयपुर-आगरा भी जाएंगे
Marco Rubio India Visit: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत दौरे पर पहुंचे हैं। अपने इस चार दिवसीय दौरे के दौरान वह पीएम नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे।
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Marco Rubio India Visit: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो चार दिनों के भारत दौरे पर आए हैं। वह शनिवार (23 मई) सुबह-सुबह कोलकाता पहुंचे, जहां एयरपोर्ट पर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। आज रुबियो दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा 'QUAD' देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी हिस्सा लेंगे। विदेश मंत्री बनने के बाद उनकी यह पहली भारत यात्रा है।
सर्जियो गोर ने किया रुबियो का स्वागत
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो का भारत में स्वागत किया। उन्होंने X पर लिखा, "मेरे मित्र सेक्रेटरी मार्को रूबियो का भारत में स्वागत करते हुए मुझे गर्व महसूस हो रहा है। हमारे सामने एक महत्वाकांक्षी एजेंडा है, जिसमें QUAD विदेश मंत्रियों की बैठक भी शामिल है। इसका मुख्य उद्देश्य अमेरिकी राष्ट्रपति के उस विजन को आगे बढ़ाना है, जिसके तहत अमेरिका और भारत के बीच साझेदारी को और भी अधिक मजबूत बनाया जा सके। मैं बेहतरीन बातचीत और साथ मिलकर वास्तविक प्रगति करने के लिए उत्सुक हूं।"
4 दिवसीय दौरे के दौरान कहां-कहां जाएंगे?
मार्को रुबियो के 4 दिवसीय दौरे का पहला पड़ाव कोलकाता है, जहां वह पहुंच चुके हैं। यहां एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वह दोपहर में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करने के लिए नई दिल्ली रवाना होंगे। इसके बाद रविवार (24 मई) को उनकी भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ उनकी द्विपक्षीय होगी। रुबियो अमेरिकी दूतावास द्वारा आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी शामिल होंगे। सोमवार (25 मई) को वह आगरा और जयपुर की यात्रा करेंगे। मंगलवार (26 मई) सुबह QUAD विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे।
बेहद अहम है रुबियो की भारत यात्रा
भारत आने से पहले लेकर रुबियो ने अपनी इस यात्रा को काफी महत्वपूर्ण बताया था। उन्होंने कहा था कि भारत के साथ बहुत से मुद्दों पर काम करना है। वे हमारे एक महत्वपूर्ण सहयोगी और साझेदार हैं। हम उनके साथ कई अच्छे कार्य करते हैं, इसलिए यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है।
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माना जा रहा है कि उनकी इस यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।