BREAKING: मोदी सरकार के इस केंद्रीय मंत्री ने दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति मुर्मू ने भी किया स्वीकार; आखिर क्या है वजह?
मोदी सरकार के एक केंद्रीय मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
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राष्ट्रीय राजधानी में NEET पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे छात्रों के आंदोलन के बीच बड़ी खबर सामने आई है। मोदी सरकार के एक केंद्रीय मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना भी जारी की गई।
केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनके इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर मंत्री परिषद से रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है।
केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने दिया इस्तीफा
राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को रेल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन के बाद एक महीने में यह दूसरा बड़ा इस्तीफा है, जो केंद्रीय कैबिनेट में बड़े रणनीतिक बदलाव की ओर इशारा करता है।
राज्यसभा सांसद के तौर पर कार्यकाल समााप्त
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते बिट्टू 2024 में बीजेपी में शामिल हुए थे और उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन जीत नहीं पाए थे। उन्हें कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल की खाली हुई सीट पर बचे हुए कार्यकाल के लिए राजस्थान से राज्यसभा के लिए नामित किया गया था। उनका राज्यसभा सांसद के तौर पर कार्यकाल जून में ही समाप्त हो गया था, लेकिन उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा गया था। तभी से कई तरह अटकलें शुरू हो गई थी।
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पंजाब चुनाव लड़ने की संभावना
सूत्रों के अनुसार, बिट्टू के अगले साल पंजाब में विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावना है। वह आम आदमी पार्टी (AAP) के शासन वाले इस सीमावर्ती राज्य में अगले साल BJP की वापसी के लिए जमनी तैयारी में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं। बता दें कि पंजाब में फिलहाल AAP सत्ता में है, पार्टी का मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस से कलह किसी से छिपा नहीं है, ऐसे में BJP इस मौके को भुनाना चाहती है, जिसमें वो प्रदेश में खुद को मजबूत स्थिति में लाकर खड़ा कर सकती है।
फिल्म 'सतलुज' की खुलकर आलोचना कर चर्चा में आए
रवनीत सिंह बिट्टू ने ने दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' की खुलकर आलोचना की थी और इसे आग भड़काने की कोशिश बताया था, जबकि कई सिख नेताओं ने- चाहे वे किसी भी पार्टी से जुड़े हों - इस संवेदनशील फिल्म के मामले में सावधानी बरती थी। इससे उस रणनीति का पता चलता है जिसे वे पंजाब में BJP के लिए अपनाएंगे, यानी वोटरों के चार वर्गों - हिंदुओं, सिखों, दलितों और अन्य पिछड़ा वर्गों (OBC) - पर ध्यान केंद्रित करना।