Delhi Blast: लाल किले ब्लास्ट से पहले उमर और मुजम्मिल में हुआ था झगड़ा, सिग्नल ऐप पर बना ग्रुप, फिर... दिल्ली धमाके की जांच में एक और खुलासा
Delhi Blast: दिल्ली धमाके की जांच NIA कर रही है। जांच में एक और खुलासा हुआ है। जानकारी मिली है कि लाल किले पर धमाके से पहले आतंकी उमर और मुजम्मिल के बीच झगड़ा हुआ था। जानिए किस बात पर भिड़े थे दोनों आतंकी?
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Delhi Red Fort Blast: दिल्ली के लाल किले के पास हुए ब्लास्ट की जांच में कई बड़े खुलासे हो रहे हैं। कैसे आतंकियों ने राजधानी को दहलाने की साजिश रची थी, NIA एक-एक कर सारी कड़िया खोल रही है। अब दिल्ली धमाके की जांच में एक और नई बात निकलकर सामने आई है। खुलासा हुआ है कि लाल किला ब्लास्ट से पहले पैसों को लेकर आतंकी उमर और डॉ. मुजम्मिल में बीच झगड़ा हुआ था। इस झगड़े को सुलझाने के लिए सिग्नल ऐप पर ग्रुप भी बना। वहीं, इसके बाद मुजम्मिल ने दो शर्तें रखी थी।
दिल्ली के लाल किले के पास I20 कार से जोरदार धमाका हुआ, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए। ये एक आत्मघाती हमला था, जिसमें आतंकी डॉ. उमर ने खुद को भी गाड़ी के साथ उड़ लिया।
पैसों के लिए हुआ झगड़ा, रखी ये 2 शर्तें
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली धमाके की जांच में अब खुलासा हुआ है कि लाल किला ब्लास्ट से पहले पैसों को लेकर उमर और डॉ. मुजम्मिल के बीच आपस में झगड़ा हो गया था। ये झगड़ा करीब 3 महीने पहले हुआ था। इसके बाद पैसों को लेकर हुए झगड़े में डॉक्टर मुजम्मिल ने मॉड्यूल के सामने 2 शर्तें रखी थी। पहली शर्त या तो पैसा लौटाओ, दूसरी शर्त या फिर सारा सामान वही रखेंगे।
मॉड्यूल ने दूसरा ऑप्शन चुना और सारा विस्फोटक सामान मुजम्मिल के पास रखवाया गया, जो 9 नवंबर को गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर बरामद हुआ। जानकारी के अनुसार दोनों के बीच झगड़ा सुलझाने के लिए उमर मोहम्मद ने सिग्नल एप पर एक ग्रुप बनाया गया था। उस ग्रुप में डॉक्टर मुजम्मिल समेत आदिल, मुजफ्फर और इरफान को जोड़ा गया, लेकिन विवाद नहीं सुलझा था।
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2 साल से रच रहे थे साजिश
आतंकी मुजम्मिल ने जांच एजेंसी के सामने दिल्ली दहलाने की साजिश का पूरा राज कबूल लिया है। उसने बताया है कि उन्होंने साल 2023 में दिल्ली और कई शहरों में ब्लास्ट की साजिश रची थी। ये लोग पिछले 2 साल से ब्लास्ट के लिए विस्फोटक का इंतजाम करने में जुटे थे। मुजम्मिल को ही विस्फोटक के लिए अमोनियम नाइट्रेट और यूरिया खरीदने मिली थी। उसने गुरुग्राम से 26 क्विंटल NPK खाद खरीदा था। वहीं, इसे विस्फोटक में तब्दील करने की जिम्मेदारी उमर मोहम्मद की थी।
सेल्फ फंडिंग के जरिए जुटाए 26 लाख रुपये
बताया ये भी गया है कि ब्लास्ट के लिए इन आतंकियों ने सेल्फ फंडिंग की थी। इसमें डॉ. मुजम्मिल ने 5 लाख, डॉ. आदिल अहमद राथर ने 8 लाख, डॉ. मुजफ्फर अहमद राथर ने 6 लाख, डॉ. उमर ने 2 लाख रुपये और डॉ. शाहीना शाहिद ने 5 लाख रुपये दिये थे। कुल 26 लाख रुपये कैश में जमा किए गए थे।