उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका, शिवसेना UBT से बागी हुए 6 सांसदों की जीत; स्पीकर ने शिंदे गुट में विलय को दी मान्यता
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने उद्धव सेना के 6 बागी सांसदों के एकनाथ शिदें के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को मान्यता दे दी है।
- भारत
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Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने उद्धव ठाकरे गुट को बड़ा झटका देते हुए शिवसेना (UBT) के 6 बागी सांसदों के एकनाथ शिदें के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को मान्यता दे दी है। इन छह सांसदों ने शिंदे के अगुवाई वाले गुट में अपने विलय को मान्यता दिलाने के लिए लोकसभा सचिवालय में एक आधिकारिक आवेदन सौंपा था।
स्पीकर की इस मंजूरी के बाद लोकसभा में शिंदे गुट की ताकत बढ़ गई है। इसी के साथ अब निचले सदन में उनके कुल 13 सांसद हो गए हैं। वहीं यूबीटी के सिर्फ 3 सांसद बचे हैं। जाहिर है कि 22 जून को शिवसेना (यूबीटी) के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 ने शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने का ऐलान किया था। अब स्पीकर के इस फैसले को महाराष्ट्र की राजनीति में शिंदे गुट के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है।
इन 6 बागी सांसदों की बड़ी जीत
जिन 6 बागी सांसदों को शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय की मान्यता मिली हैं उनमें संजय देशमुख (यवतमाल), संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर-पूर्व), संजय जाधव (परभणी), ओम प्रकाश राजे निंबालकर (धाराशिव), नागेश पाटिल-अष्टीकर (हिंगोली) और भाऊसाहेब वाकचौरे (शिरडी) शामिल हैं।
शिंदे ने बताया शिवसेना में क्यों आ रहे सांसद
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में 'ऑपरेशन टाइगर' पर कहा, 'अगर मैं आपसे कहूं कि जो छह सांसद हमारे साथ आए, उन्होंने ऐसा किसी निजी फायदे के लिए नहीं किया, तो आप शायद इसे झूठ मान लें। जो लोग ये आरोप लगा रहे हैं, उन्हें सिर्फ़ पैसा ही दिखता है, क्योंकि उनकी सोच लेने की है, देने की नहीं। मैं पूरे यकीन के साथ कह सकता हूं कि वे किसी निजी स्वार्थ के लिए हमारे साथ नहीं जुड़े। हम उन्हें विकास के लिए फंड देंगे। हमने गृह मंत्री अमित शाह के साथ उनकी मीटिंग भी करवाई और हम यह पक्का करेंगे कि उनके इलाकों से जुड़े विभागीय काम पूरे हों। कहानी हमेशा एक जैसी होती है, अगर कोई पार्टी छोड़ता है, तो दावा किया जाता है कि उसने पैसे लिए हैं। जब वे उस गुट के साथ होते हैं, तो उन्हें अच्छा माना जाता है; जब वे छोड़ देते हैं, तो उन्हें बुरा समझा जाता है। उन्हें आत्म-मंथन और खुद का आकलन करने की जरूरत है।'
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‘हमारे साथ जुड़ने वाले सांसदों को हम पर भरोसा’
उन्होंने आगे कहा, 'जो लोग हमारे साथ जुड़ रहे हैं, वे भरोसे की वजह से ऐसा कर रहे हैं। चाहे सांसद हों या वे कई अन्य लोग जो पिछले 3-4 सालों में हमारे साथ जुड़े हैं। उन्हें शिवसेना, मुझ पर और हमारी टीम पर पूरा भरोसा है; वे जानते हैं कि हम अपने वादे निभाते हैं और अपनी बात पर कायम रहते हैं। हम पार्टियां तोड़ने या फूट डालने का काम नहीं करते। हम जोड़ने वाले लोग हैं। हम यहां उनके चुनाव क्षेत्रों के लोगों को न्याय दिलाने और जनता के प्रति उनकी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए आए हैं। हम निश्चित रूप से उन्हें पूरा समर्थन देंगे।'