'आइंदा ऐसा कहा तो तुम्हारे दरवाजे पर गीता पाठ करेंगे', मौलाना जरजिस के बयान पर भड़के धीरेंद्र शास्त्री; 'घरवापसी' की दी सलाह
बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मौलाना जरजिस अंसारी के दिए बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि दोबारा ऐसा कहा तो तुम्हारे दरवाजे पर ही गीता पाठ करेंगे।
- भारत
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Dhirendra Shastri on Maulana Jarjis Ansari Controversial Statement: मौलाना जरजिस अंसारी के 'श्री कृष्ण को 'पांच वक्त का नमाजी' बताने वाले बयान पर हिंदू समुदाय में गुस्सा है। अब बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने उनके बयान की कड़ी निंदा की और आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए कहा कि दोबारा ऐसा कहा तो तुम्हारे दरवाजे पर ही गीता पाठ करेंगे।
दरअसल, 17 जुलाई को हैदराबाद के शमशाबाद में चल रही हनुमत कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने जरजिस अंसारी को 'घरवापसी' की सलाह दी।
घर वापसी कर लो, सही मौका है- धीरेंद्र शास्त्री
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, 'हमें बहुत दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि एक मौलाना जरजिस अंसारी ने बयान दिया कि भगवान कृष्ण पांच वक्त का नमाज पढ़ते थे। ठीक है भई। नककटा इस भारत का जन्मा प्रत्येक व्यक्ति हिंदू है, तुम भी हिंदू हो। तुम अपने बाप को बाप नहीं कह रहे, बेटा ये तुम्हारी भूल है। इस भारत में जो भी जन्म लेगा वो हिंदू ही कहलाएगा। हम भारत के, खासकर अंसारी जी को मैसेज दे रहे हैं कि घर वापसी कर लो, सही मौका है, यही मौका है।'
‘…वरना तुम्हारे दरवाजे पर गीता पाठ करेंगे’
उन्होंने आगे कहा, 'नोट कर, ऐसी बात दोबारा बोलना नहीं। वरना तुम्हारे दरवाजे पर भगवद् गीता का पाठ करेंगे। कान खोलकर सुन लो। इन्होंने कहा भगवान नमाज पढ़ते थे। भगवान श्री कृष्ण नमाज नहीं पढ़ते थे। आपका मजहब है, आप अपनी इबादत करें। हमारी पूजा-पद्धति से छेड़छाड़ न करें और गलत बयान न दें।'
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इस दौरान पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने फिल्म 'अमर अकबर एंथनी' का उदाहरण देते हुए भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अलग-अलग आस्था रखने के बावजूद लोगों की सांस्कृतिक विरासत एक ही है।
मौलाना के किस बयान पर मचा है बवाल?
मौलाना जरजिश अंसारी ने झारखंड में 23 जून को एक सभा को संबोधित करते हुए भगवान श्रीकृष्ण को लेकर जो कहा वो बेहद विवादित था। मौलाना ने भगवान कृष्ण को मुस्लिम और भगवद गीता के श्लोक का 'गलत' अर्थ निकालकर उन्हें 'पांच वक्त का नमाजी' बताया था। उनके इस विवादित बयान का वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
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मौलाना जरजिश अंसारी ने कहा था, 'हमारे भाई अगर बुरा न मानें तो कृष्ण जी भी पांचों वक्त की नमाज पढ़ा करते थे। यकीन न आए तो श्रीमद्भगवद्गीता के छठे अध्याय का 10वां श्लोक देख लीजिए- योगी युञ्जीत सततमात्मानं रहसि स्थितः एकाकी... जिसमें श्री कृष्ण जी अर्जुन से कह रहे हैं कि हे अर्जुन, ईश्वर की पूजा करो तो पूरे शरीर का योग करो। योगी... यूपी वाले नहीं। पूरे शरीर का योग करो, यानी पूजा सिर्फ खड़े होकर नहीं, बल्कि पूरे शरीर के साथ होनी चाहिए।'
उन्होंने आगे कहा, 'आज हिंदू धर्म में चले जाइए, लोग सिर्फ ऐसे हाथ उठाएंगे- ओम नम: शिवाय, बस हो गई पूजा। ये हिंदू-मुस्लिम का विषय नहीं है। अगर ये अपनी किताबें पढ़ लें। योगी जी बड़े भक्त बनते हैं राम के और अगर अपनी किताबें पढ़ लें, तो यकीन मानिए इस्लाम से मोहब्बत करने लगेंगे। क्योंकि इस्लाम सिर्फ मुसलमानों का धर्म नहीं है। ये उनका भी धर्म है। इसी दीन (इस्लाम) और धर्म को रामचंद्र जी और कृष्ण जी ने भी पेश किया है।'