Twisha Post-Mortem Report: मौत से पहले शरीर पर कई चोटें, गायब फंदे ने उलझाई गुत्थी... ट्विशा शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

ट्विशा शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। एम्स भोपाल के डॉक्टरों के मुताबिक, मौत का कारण फांसी है। शरीर पर मौते से पहले के कुछ चोटों के निशान भी मिले हैं। जानें ट्विशा शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में और क्या-क्या खुलासे हुए? पढ़ें पूरी खबर।

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Twisha Sharma post mortem report
ट्विशा शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत से पहले चोट के निशान | Image: Republic

Twisha Sharma post mortem report: भोपाल के कटारा हिल्स में 33 साल की ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार उलझता ही जा रहा है। अभी तक ये साफ नहीं हो सका है कि ट्विशा शर्मा की हत्या हुई है या उसने खुदकुशी की है? मामले में ताजा अपडेट की बात की जाए तो अभी एम्स (AIIMS) भोपाल की फुल पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है।

इस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मामले में कई नए तथ्य उजागर हो गए हैं। जिन्हें लेकर मृतका के परिवार और आरोपी पक्ष अलग-अलग बातें बोल रहे हैं। दोनों परिवारों के बीच कानूनी और बयानी जंग भी जारी है। इस दौरान अब पोस्टमार्टम की रिपोर्ट भी कई खुलासे कर रही है।

क्या कहती है ट्विशा शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट?

फॉरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्विशा की मृत्यु का प्राथमिक कारण फांसी या गले में फंदा लगने (ligature hanging) से होना प्रतीत होता है। हालांकि, डॉक्टरों को मृतका के शरीर के अन्य हिस्सों पर मृत्यु से पहले (एंटेमॉर्टम) कई चोटें भी मिली हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ये चोटें साधारण प्रकृति की हैं और संभवत किसी कुंद वस्तु (blunt force) के प्रभाव से लगी हैं।

नशीले पदार्थ वाली बात सही या गलत? 

जांच को पुख्ता करने के लिए और किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ या विष के सेवन (concomitant intoxication) की आशंका को खारिज करने हेतु रक्त के नमूने, विसरा और ओमेंटल फैट को सुरक्षित कर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा गया है। इसके अलावा, डीएनए जांच के लिए नाखूनों के नमूने (nail clippings) भी सुरक्षित रखे गए हैं।

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पोस्टमार्टम में मिले कई अहम सबूत  

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के मुताबिक कई चौंकाने वाली बातें सामने आई है।

फंदे का मेटेरियल गायब: चौंकाने वाली बात यह है कि पोस्टमार्टम के समय फंदे की सामग्री (ligature material) न तो मौके पर लगी हुई अवस्था में मिली और न ही जांच टीम के समक्ष प्रस्तुत की गई।

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गर्भसमापन का इतिहास: मृतका के गर्भाशय (uterus) की हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच की जा रही है, क्योंकि घटना से करीब एक सप्ताह पूर्व कथित तौर पर एमटीपी (गर्भसमापन) कराए जाने की बात सामने आई है।

मृत्यु का समय: प्रारंभिक चिकित्सकीय परीक्षण के आधार पर डॉक्टरों का अनुमान है कि मौत का समय 13 मई 2026 की रात लगभग 1 बजकर 59 मिनट से 6 घंटे के भीतर का है। पूरे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।

परिवार और ससुरल पक्ष के आरोप-प्रत्यारोप जारी

ट्विशा की शादी को महज 5 महीने ही हुए थे, जिसके कारण नियमानुसार पुलिस पूरे मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है। मृतका के परिजनों का आरोप है कि यह दहेज उत्पीड़न और हत्या का मामला है। दूसरी तरफ, ट्विशा के पति समर्थ सिंह के वकील और उनकी मां (जो पूर्व जज हैं) ने दावों को खारिज किया है। आरोपी पक्ष का कहना है कि ट्विशा मानसिक तनाव और अवसाद से ग्रसित थी। इसी बीच, मृतका की सास (पूर्व न्यायाधीश) को उम्र और कानूनी सेवा के आधार पर न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल चुकी है, जबकि ट्विशा का पति समर्थ अभी भी फरार है। ट्विशा के माता-पिता निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की इच्छा जता रहे हैं, ताकि मौत का असल सच पूरी तरह सामने आ सके। पुलिस मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों को टटोलने में जुटी हुई है।

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Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड