क्या सड़ने लगी है ट्विशा शर्मा की डेड बॉडी? पुलिस ने परिवार से कहा- जल्दी ले जाइए शव, जानिए दोबारा पोस्टमार्टम होगा या नहीं
Twisha Sharma case: भोपाल के ट्विशा शर्मा मामले में पुलिस ने परिवार को पत्र देकर शव को जल्द से जल्द ले जाने को कहा है। क्योंकि भोपाल एम्स में शव डिकंपोज होने की आशंका है। परिवार ट्विशा के शव का दूसरा पोस्टमार्टम करवाना चाहता है। पढ़ें पूरी खबर।
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Twisha Sharma second postmortem: ट्विशा शर्मा मामले में अब नया मोड सामने आ गया है। पुलिस ने मृतका के परिवार को पत्र जार कर शव जो जल्द से जल्द ले जाने की अपील की है। मिली जानकारी के मुताबिक, भोपाल एम्स की मोर्चरी में शव लंबे समय से रखा होने के कारण डिकंपोज होने की आशंका है। बतादें केस की डायरी कोर्ट में पेश की गई है।
दोबारा पोस्टमार्टम करवाना चाहता है परिवार
परिवार दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग कर रहा है। ट्विशा की 12 मई को मौत हुई थी, अचानक हुई मौत को लेकर परिवार ने आशंका जताई और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न और हत्या के आरोप लगाए। फिलहाल कोर्ट का फैसला आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हत्या या आत्महत्या? 'गायब फंदे' ने उलझाई गुत्थी
भोपाल के कटारा हिल्स में 33 साल की ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार उलझता ही जा रहा है। अभी तक ये साफ नहीं हो सका है कि ट्विशा शर्मा की हत्या हुई है या उसने खुदकुशी की है? मामले में ताजा अपडेट की बात की जाए तो अभी एम्स (AIIMS) भोपाल की फुल पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है।
इस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मामले में कई नए तथ्य उजागर हो गए हैं। जिन्हें लेकर मृतका के परिवार और आरोपी पक्ष अलग-अलग बातें बोल रहे हैं। दोनों परिवारों के बीच कानूनी और बयानी जंग भी जारी है। इस दौरान अब पोस्टमार्टम की रिपोर्ट भी कई खुलासे कर रही है।
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ट्विशा शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या आया?
फॉरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्विशा की मृत्यु का प्राथमिक कारण फांसी या गले में फंदा लगने (ligature hanging) से होना प्रतीत होता है। हालांकि, डॉक्टरों को मृतका के शरीर के अन्य हिस्सों पर मृत्यु से पहले (एंटेमॉर्टम) कई चोटें भी मिली हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ये चोटें साधारण प्रकृति की हैं और संभवत किसी कुंद वस्तु (blunt force) के प्रभाव से लगी हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में और क्या मिला?
जांच को पुख्ता करने के लिए और किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ या विष के सेवन (concomitant intoxication) की आशंका को खारिज करने हेतु रक्त के नमूने, विसरा और ओमेंटल फैट को सुरक्षित कर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा गया है। इसके अलावा, डीएनए जांच के लिए नाखूनों के नमूने (nail clippings) भी सुरक्षित रखे गए हैं।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के मुताबिक कई चौंकाने वाली बातें सामने आई है।
चौंकाने वाली बात यह है कि पोस्टमार्टम के समय फंदे की सामग्री (ligature material) न तो मौके पर लगी हुई अवस्था में मिली और न ही जांच टीम के समक्ष प्रस्तुत की गई।
मृतका के गर्भाशय (uterus) की हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच की जा रही है, क्योंकि घटना से करीब एक सप्ताह पूर्व कथित तौर पर एमटीपी (गर्भसमापन) कराए जाने की बात सामने आई है।
प्रारंभिक चिकित्सकीय परीक्षण के आधार पर डॉक्टरों का अनुमान है कि मौत का समय 13 मई 2026 की रात लगभग 1 बजकर 59 मिनट से 6 घंटे के भीतर का है। पूरे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।
परिजनों ने दहेज उत्पीड़न के लगाए आरोपी
ट्विशा की शादी को महज 5 महीने ही हुए थे, जिसके कारण नियमानुसार पुलिस पूरे मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है। मृतका के परिजनों का आरोप है कि यह दहेज उत्पीड़न और हत्या का मामला है। दूसरी तरफ, ट्विशा के पति समर्थ सिंह के वकील और उनकी मां (जो पूर्व जज हैं) ने दावों को खारिज किया है। आरोपी पक्ष का कहना है कि ट्विशा मानसिक तनाव और अवसाद से ग्रसित थी। इसी बीच, मृतका की सास (पूर्व न्यायाधीश) को उम्र और कानूनी सेवा के आधार पर न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल चुकी है, जबकि ट्विशा का पति समर्थ अभी भी फरार है। ट्विशा के माता-पिता निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की इच्छा जता रहे हैं, ताकि मौत का असल सच पूरी तरह सामने आ सके। पुलिस मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों को टटोलने में जुटी हुई है।