Earthquake: बंगाल की खाड़ी से लेकर प्रशांत महासागर तक लगे झटके, कितनी रही भूकंप की तीव्रता

आज भारत से लेकर म्यांमार तक धरती डोली है। बंगाल की खाड़ी में भूकंप का झटका लगा। इसके अलावा प्रशांत महासागर में भी 6.0 तीव्रता का भूकंप आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने पुष्टि की।

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Earthquake | Image: X

Earthquake: आज सुबह-सुबह धरती कांपी है। भारत से लेकर म्यांमार तक धरती डोली है। बंगाल की खाड़ी में पहला भूकंप का झटका लगा। वहीं प्रशांत महासागर में भी 6.0 तीव्रता का भूकंप आया। फिलहाल कहीं भी किसी तरह के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि, भूकंप आने से हड़कंप मच गया है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि कहां-कैसा भूकंप आया है।

बंगाल की खाड़ी में आज यानी बुधवार को भूकंप आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, आज सुबह करीब 5:12 बजे बंगाल की खाड़ी में भूकंप के झटके महसूस हुए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.3 मापी गई।

म्यांमार में हिली धरती 

भारत के अलावा म्यांमार में धरती हिली है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, बुधवार (11 फरवरी) को  म्यांमार में 3.8 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप 11 किलोमीटर की उथली गहराई (Shallow Depth)  पर आया, जिससे आफ्टशॉक्स का खतरा बना हुआ है।

प्रशांत महासागर में आया भूकंप 

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बयान जारी कर बताया कि बुधवार को प्रशांत महासागर में 6.0 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप 515 किलोमीटर की गहराई पर आया।

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पृथ्वी की सतह के पास आने पर ऊर्जा का उत्सर्जन ज्यादा होने की वजह से उथले भूकंप गहरे भूकंपों की तुलना में अधिक खतरनाक होते हैं। इससे जमीन में अधिक कंपन पैदा होती है और अधिक क्षति का अनुमान रहता है। गहरे भूकंप सतह पर आते ही ऊर्जा खो देते हैं।

कहां आते हैं अधिकतर भूकंप?

जानकारी के मुताबिक, प्रशांत महासागर के चारों ओर के किनारे पर भूकंप पट्टी स्थित है, जो दुनिया की सबसे बड़ी पट्टी कहलाती है। यहां ग्रह के लगभग 81 प्रतिशत सबसे बड़े भूकंप आते हैं, जिसे ‘रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है। 

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प्रशांत महासागर की बात करें तो, इसके चारों ओर स्थित भूकंपीय पट्टी में आने वाले भूकंपों में M9.2 (अलास्का भूकंप 1964) और M9.5 चिली भूकंप (वाल्डिविया भूकंप 1960) शामिल है। दुनिया के लगभग 90 प्रतिशत भूकंप रिंग ऑफ फायर के आसपास ही आते हैं।

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Published By:
 Priyanka Yadav
पब्लिश्ड