'आज भगवा और हिंदुत्व की जीत हुई, मगर इसे बदनाम...', मालेगांव ब्लास्ट पर कोर्ट के फैसले पर साध्वी प्रज्ञा की पहली प्रतिक्रिया

मालेगांव ब्लास्ट पर NIA कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट के फैसले पर केस की मुख्य आरोपी साध्वी प्रज्ञा की पहली प्रतिक्रिया आई है।

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sadhvi pragya thakur
sadhvi pragya thakur | Image: Grab

NIA कोर्ट ने मालेगांव विस्फोट मामले में साध्वी प्रज्ञा सिंह, लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया। 17 साल बाद महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए बम धमाके पर कोर्ट का अहम फैसला आया। फैसले सुनाते हुए कोर्ट में जज ने कहा कि पुख्ता सबूत के आभाव, गवाहों के बयान और एजेंसियों की जांच रिपोर्ट के आधार पर सभी आरोपियों को बरी किया गया है। अब कोर्ट के फैसले पर केस की मुख्य आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की पहली प्रतिक्रिया आई है।


NIA कोर्ट में जज को संबोधित करते हुए साध्वी प्रज्ञा सिंह ने कहा, मैंने शुरू से ही कहा था कि जिन्हें भी जांच के लिए बुलाया जाता है, उनके पीछे कोई न कोई आधार जरूर होना चाहिए। मुझे जांच के लिए बुलाया गया और मुझे गिरफ्तार करके प्रताड़ित किया गया। इससे मेरा पूरा जीवन बर्बाद हो गया। मैं एक साधु का जीवन जी रही थी लेकिन मुझ पर आरोप लगाए गए और कोई भी हमारे साथ खड़ा नहीं हुआ

आज भगवा की जीत हुई है-साध्वी प्रज्ञा

साध्वी प्रज्ञा ने आगे कहा, मुझे अपने ही देश में आतंकवादी बना दिया गया है। मैं जिंदा हूं क्योंकि मैं एक सन्यासी हूं। उन्होंने साजिश करके भगवा को बदनाम किया। आज भगवा की जीत हुई है, हिंदुत्व की जीत हुई है और ईश्वर दोषियों को सजा देगा। हालांकि, भारत और भगवा को बदनाम करने वालों को आपने गलत साबित नहीं किया है।

मैं खुशी मनाऊं या दुख-रवि किशन

वहीं, भाजपा सांसद रवि किशन ने मालेगांव ब्लास्ट मामले में NIA कोर्ट द्वारा सभी आरोपियों को बरी किए जाने पर कहा, "मुझे समझ नहीं आता कि मैं खुशी मनाऊं या दुख... उनके जीवन के 17 साल कौन लौटाएगा? कांग्रेस के जिन आलाकमान नेताओं ने भगवा आतंकी शब्द दिया था, उन्हें जवाब देना चाहिए... उन्हें 100 करोड़ हिंदुओं को जवाब देना चाहिए कि किस आधार पर आपने भगवा आतंकवाद शब्द कहना शुरू कर दिया था..." 

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कोर्ट ने मुआवजे की भी घोषणा की

बता दें कि NIA कोर्ट ने मालेगांव विस्फोट मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया। आरोपियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), आर्म्स एक्ट और अन्य आरोपों से बरी कर दिया गया। विस्फोट के सभी छह पीड़ितों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये और सभी घायल पीड़ितों को 50,000 रुपये मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे।  कोर्ट ने कहा, "हमने ADG ATS को आरोपी सुधाकर चतुर्वेदी के घर में विस्फोटक रखने के मामले की जांच शुरू करने का आदेश दिया है।

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Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड