'एक ही परिवार चला रहा लोकतंत्र खत्म करने का एजेंडा...', किरण रिजिजू ने कांग्रेस से पूछे 5 तीखे सवाल

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया है कि एक विशेष परिवार की पार्टी, विदेशी ताकतों के साथ मिलकर हमारे संविधान और भारतीय लोकतंत्र को समाप्त करने का षड्यंत्र रच रही है। उन्होंने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करने वाले इन बाहरी और आंतरिक गठजोड़ों के प्रति गहरी चिंता जताई।

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'एक ही परिवार चला रहा लोकतंत्र खत्म करने का एजेंडा...', किरण रिजिजू ने कांग्रेस से पूछे 5 तीखे सवाल
'एक ही परिवार चला रहा लोकतंत्र खत्म करने का एजेंडा...', किरण रिजिजू ने कांग्रेस से पूछे 5 तीखे सवाल | Image: ANI

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा कर कांग्रेस से चुनाव आयोग, लोकसभा चुनावों में मिली हार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जवाब मांगा। रिजिजू ने अपने पोस्ट में कांग्रेस पर संविधान और भारतीय लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप भी लगाया।

2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार पर सवाल

किरेन रिजिजू ने कांग्रेस से पूछा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को केवल 44 सीटें ही क्यों मिलीं? उन्होंने सवाल उठाया कि उस समय चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति तत्कालीन सरकार द्वारा की गई थी, फिर भी कांग्रेस को इतनी बड़ी हार का सामना क्यों करना पड़ा? उन्होंने यह भी पूछा कि 2024 में ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं थे, तब कांग्रेस को चुनाव में करारी हार कैसे मिली? इन सवालों के जरिए उन्होंने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन और उसके आरोपों पर सवाल खड़े किए।

कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मांगा जवाब

रिजिजू ने अपने पोस्ट में कांग्रेस से यह भी पूछा कि क्या पार्टी के मौजूदा मुख्यमंत्री 2014 से 2026 तक अपनी सरकारों के गठन को लेकर इस्तीफा देंगे और जनता से माफी मांगेंगे? उनके इस सवाल को कांग्रेस की चुनावी राजनीति पर एक राजनीतिक कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है।

मतदाता सूची से नाम हटाने पर क्या है सवाल?

केंद्रीय मंत्री ने मतदाता सूची में अवैध प्रवासियों, मृत व्यक्तियों, स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं और डुप्लीकेट नामों को हटाने को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या ऐसे नामों को मतदाता सूची से हटाया जाना चाहिए या नहीं?

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SIR की प्रक्रिया को बताया वैध

रिजिजू ने अपने पोस्ट में 1952-56, 1958-61, 1965-66, 1983-84, 1987-89, 1993, 1995 और 2002-04 के दौरान हुई मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रियाओं का उल्लेख करते हुए पूछा कि क्या ये सभी प्रक्रियाएं अवैध थीं?

अपने पोस्ट के अंत में उन्होंने कांग्रेस पर विदेशी ताकतों के साथ मिलकर भारतीय संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया।

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Published By:
 Aarya Pandey
पब्लिश्ड