'Regime Change' से विपक्ष का एजेंडा उजागर हो गया है, ये विदेशी ताकतों के साथ मिलकर भारत को अस्थिर करना चाहते हैं- BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का हमला

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 'सत्ता परिवर्तन' जैसे शब्दों का उपयोग विपक्ष के उस छिपे एजेंडे को उजागर करता है, जो विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश में अस्थिरता फैलाना चाहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह 'अर्बन नक्सल' सोच का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य लोकतंत्र को कमजोर करना है।

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'Regime Change' से विपक्ष का एजेंडा उजागर हो गया है, ये विदेशी ताकतों के साथ मिलकर भारत को अस्थिर करना चाहते हैं- BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का हमला
'Regime Change' से विपक्ष का एजेंडा उजागर हो गया है, ये विदेशी ताकतों के साथ मिलकर भारत को अस्थिर करना चाहते हैं- BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का हमला | Image: Instagram

भारतीय राजनीति में एक बार फिर 'सत्ता परिवर्तन' के बयान को लेकर तीखा राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। हाल ही में प्रशांत भूषण द्वारा दिए गए एक बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने विपक्ष और उनके समर्थकों पर बड़ा हमला बोला है।

विपक्ष का असली एजेंडा देश को अस्थिर करना- नितिन नवीन

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक तीखी पोस्ट साझा करते हुए भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने आरोप लगाया कि विपक्ष का मकसद देश के चुनाव सुधारों, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) या युवाओं के भविष्य से जुड़ा नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा कि विपक्ष का एकमात्र उद्देश्य अराजकता फैलाकर किसी भी कीमत पर सत्ता हासिल करना है।

उन्होंने कहा कि 'सत्ता परिवर्तन' जैसे शब्दों का खुलकर इस्तेमाल करना इस बात का सबूत है कि विपक्ष का असली एजेंडा क्या है। विदेशी ताकतों के साथ मिलकर भारत को अस्थिर करने के ऐसे प्रयास सीधे तौर पर 'अर्बन नक्सल' मानसिकता और उनके एजेंडे का हिस्सा हैं।

लोकतंत्र में अराजकता की कोई जगह नहीं

नितिन नवीन ने लोकतंत्र की मूल भावना को याद दिलाते हुए कहा कि शासन की बागडोर संभालने का एकमात्र मार्ग जनता का जनादेश होता है, न कि अराजकता या विदेशी ताकतों का दबाव। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की राष्ट्रभक्त जनता और भाजपा मिलकर भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के हर षड्यंत्र को पूरी तरह से विफल कर देगी।

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प्रशांत भूषण का 'सत्ता परिवर्तन' वाला बयान

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के विरोध में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों के दौरान 'सत्ता परिवर्तन' का खुला आह्वान किया। प्रशांत भूषण ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और विभिन्न छात्र संगठनों के नेताओं के साथ एक प्रेसवार्ता में कहा था कि सरकार के खिलाफ असंतोष जताना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने कहा था कि अगर इसी तरह की प्रशासनिक बर्बरता जारी रही, तो आने वाले समय में देश में 'सत्ता परिवर्तन' निश्चित रूप से होकर रहेगा। इस बयान के बाद अब राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

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Published By:
 Aarya Pandey
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