AISA-वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मंडी हाउस के पास कर रहे थे प्रदर्शन
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नई दिल्ली में वाम दलों और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के कार्यकर्ताओं ने मंडी हाउस के पास जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि चुनाव आयोग निष्पक्षता से काम नहीं कर रहा है और वे चुनाव प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आयुक्त के इस्तीफे पर अड़े थे।
- भारत
- 2 min read
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मंडी हाउस के पास प्रदर्शन कर रहे आइसा (AISA) और वाम दलों के कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। यह पूरा मामला इन दिनों सियासी गलियारों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
'तिरंगा हमारा गौरव है' - गोपाल राय
इस विरोध प्रदर्शन के समर्थन में आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता गोपाल राय ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बयान देते हुए कहा, 'तिरंगा हमारा गौरव है। तिरंगा फहराने के जुर्म में 2 युवकों को जेल भेजा गया है।' गोपाल राय ने आगे कहा कि सरकार की इसी तानाशाही के विरोध में उनकी पार्टी छात्रों के समर्थन में देश भर में तिरंगा मार्च निकाल रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यह आंदोलन तब तक नहीं रुकेगा जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते।
सरकार की तानाशाही के खिलाफ व्यापक आंदोलन की चेतावनी
आप नेता गोपाल राय ने केंद्र सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार जितनी अधिक तानाशाही दिखाएगी, यह आंदोलन देश भर में उतना ही व्यापक और उग्र रूप लेता जाएगा। प्रशासन द्वारा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद से विपक्षी दलों और छात्र संगठनों में रोष और अधिक बढ़ गया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक मोर्चे पर और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि विपक्षी दल इस मामले को लेकर सरकार को लगातार घेरने की रणनीति बना रहे हैं।