चक्रवात अर्नब हुआ कमजोर लेकिन पश्चिमी विक्षोभ की एंट्री... इन जिलों में अब भी बारिश और तूफान का खतरा बरकरार, जाने IMD का ताजा अपडेट
चक्रवात 'अर्नब' का असर धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में बड़ा बदलाव आया है। इसके प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हुई है, जिससे तापमान में तेजी से गिरावट आई है और ठंड काफी बढ़ गई है। मौसम विभाग ने सतर्कता बरतते हुए चेतावनी जारी की है कि आने वाले दिनों में बारिश और तेज ठंडी हवाओं का दौर जारी रह सकता है।
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देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान 'अर्णब' अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ गया है, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत में एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की स्थिति बन गई है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, चक्रवाती तूफान 'अर्णब' कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल चुका है, जिससे कई राज्यों और विशेषकर राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट और झमाझम बारिश की संभावना बनी हुई है।
ओडिशा और छत्तीसगढ़, तूफान 'अर्णब' का असर और कम दबाव का क्षेत्र
चक्रवाती तूफान 'अर्णब' कमजोर होकर अब उत्तरी और दक्षिणी छत्तीसगढ़ तथा ओडिशा के आसपास के इलाकों तक पहुंच गया है। अगले 24 घंटों में इसके धीरे-धीरे और कमजोर होकर उत्तर की ओर बढ़ने की प्रबल संभावना है। इन क्षेत्रों में कम दबाव का क्षेत्र बनने से बादल छाए हुए हैं और हल्की से मध्यम बारिश की स्थिति बनी हुई है।
उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण पंजाब और इसके आसपास के इलाकों में एक चक्रवाती परिसंचरण बन गया है। इस मौसमी बदलाव के चलते पंजाब के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों में भी तेज हवाओं और गर्जना के साथ मौसम बदल गया है।
पूर्वी राजस्थान - बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी का अलर्ट
पश्चिमी विक्षोभ और तूफान के प्रभाव से पूर्वी राजस्थान के मौसम में सबसे ज्यादा हलचल देखी जा रही है। भरतपुर, जयपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभाग के कई हिस्सों में बादल छाए रहने, 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी इलाकों में मध्यम से भारी बारिश तथा ओलावृष्टि भी हो सकती है। जयपुर, भरतपुर, उदयपुर, कोटा और अजमेर संभागों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 31 अक्टूबर को भी पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि 1 नवंबर से राज्य में मौसम मुख्य रूप से शुष्क हो जाएगा।
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पश्चिमी राजस्थान - जोधपुर और बीकानेर में आंशिक असर
पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ इलाकों में 29 और 30 अक्टूबर को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और आंधी के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि, पाकिस्तान से सटे ज्यादातर सीमावर्ती इलाके मुख्य रूप से शुष्क रहेंगे।
तापमान में गिरावट बढ़ रही ठंड
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस मौसमी तंत्र के चलते अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की उम्मीद है। तापमान में होने वाली इस गिरावट से लोगों को पिछले कुछ दिनों से छंडक महसूस हो रही है।