कहीं विरोध तो कहीं सर्मथन में उठे सुर, वक्फ बिल पर सूफी नेता चिश्ती ने फिर की PM मोदी की तारीफ, कहा- यह मुसलमानों के लिए...
सूफी नेता सैयद नसरुद्दीन चिश्ती ने वक्फ बिल पर कहा, यह भारत के लोकतंत्र की जीत है और यह विधेयक बहुत ही लोकतांत्रिक तरीके से लाया गया है।
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वक्फ संशोधन विधेयक 2025 बुधवार, 2 अप्रैल को लोकसभा से पास हो गया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक और 12 घंटे की लंबी चर्चा के बाद आखिरकार बिल पास हुआ। बिल को लेकर हुई वोटिंग में वक्फ संशोधन विधेयक 2025 के समर्थन में 288 वोट पड़े तो इसके मुकाबले विरोध में 232 वोट पड़े। अब गुरुवार को इस बिल को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। मोदी सरकार की यहां असली अग्निपरीक्षा होगी। लोकसभा में बिल के पास होते है मुस्लिम धर्म गुरुओं की इस पर प्रतिक्रिया आने लगी है। कोई बिल के समर्थन में मोदी सरकार के साथ खड़ा है तो कई विरोध में अवाज उठा रहा है।
वक्फ संशोधन विधेयक 2025 को लेकर मुसलमानों की राय बंटी हुई है। कुछ बिल के सपोर्ट में खड़े हैं तो कुछ इसे मुस्लिम विरोधी बता रहे हैं। मुस्लिम धर्म गुरुओं की भी इस बार राय अलग-अलग है। वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर विरोध के बीच ऑल इंडिया सूफी सज्जादा नशीन काउंसिल के अध्यक्ष सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने उसका समर्थन किया है और उन्होंने केंद्र सरकार पर भरोसा जताया है।
मुसलमानों के हित में उठाया गया कदम-चिश्ती
सूफी नेता सैयद नसरुद्दीन चिश्ती ने वक्फ बिल पर कहा, यह भारत के लोकतंत्र की जीत है और यह विधेयक बहुत ही लोकतांत्रिक तरीके से लाया गया और चर्चा के बाद विधेयक पारित किया गया है। पीएम मोदी ने हमेशा 'सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास' की बात की है। यह मुसलमानों के हित में सरकार द्वारा उठाया गया एक बहुत बड़ा कदम है। सरकार को मुसलमानों के विकास के लिए भी योजनाएं शुरू करनी चाहिए। मुझे उम्मीद है कि यह विधेयक राज्यसभा में भी पारित हो जाएगा।
लोकसभा में 12 घंटे बिल पर हुई चर्चा
बता दें कि बुधवार को लोकसभा में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू वक्फ संशोधन विधेयक 2025 को पेश किया। जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने इस पर लंबी चर्चा की। एनडीए के सासंदों ने वक्फ संशोधन विधेयक के समर्थन में अपनी बात रखी तो वहीं विपक्ष की ओर बिल के विरोध में बातें रखीं गईं। लोकसभा में बिल पर चर्चा के दौरान काफी गहमागहमी देखने को मिली। गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि वक्फ में गैर मुस्लिम नहीं आएगा। ऐसा कोई भी प्रोविजन नहीं है।
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राज्यसभा में सरकार की असली परीक्षा
लोकसभा में बिल के पारित होने के बाद अब बारी राज्यसभा की है। आज (3 अप्रैल) को वक्फ संशोधन विधेयक को उच्च सदन में पेश किया जाएगा। राज्यसभा में भी बिल को पास कराने के लिए सरकार के पास बहुमत तो है, लेकिन अगर क्रॉस वोटिंग होती है तब मुश्किलें बढ़ सकती है। अब देखना होगा कि लोकसभा के बाद राज्यसभा में सरकार बिल को पास करा पाती है या नहीं।