स्वामी प्रसाद मौर्य ने फिर कर दी 'शर्मनाक हरकत'! भगवान राम की ताकत को लेकर दे दिया विवादित बयान
Ayodhya News: स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। इसपर फिर विवाद उठ सकता है।
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Ayodhya News: बौद्ध समेलन कार्यक्रम में शामिल होने कौशांबी पहुंचे सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि राम भद्राचार्य जी को राम मंदिर जाना चाहिए था, क्योंकि वो जीवन और मौत से जूझ रहे है। राम मंदिर जाते तो उनका इलाज हो जाता। भगवान राम की उन पर कृपा हो जाती, लेकिन वहां ना जाकर वे अस्पताल पहुंच गए। इसका मतलब विज्ञान सत्य है और विज्ञान की ताकत में उनको भी जाना पड़ा। अगर राम में वो ताकत होती तो विज्ञान में ना जाकर राम के यहां चले गए होते।
आडवाणी को भारत रत्न मिलने पर बीजेपी को घेरा
लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न देने के सवाल पर मौर्य ने कहा कि सरकार को समझ बहुत देर में आई। राम लला मंदिर के उद्घाटन अवसर पर रामलला प्रकरण के नायक आडवाणी जी को आमंत्रित नहीं किया गया। शायद उसी भूल को सुधारने के लिए भारत सरकार ने आडवाणी जी को भारत रत्न की उपाधि दी। आडवाणी जी एक बड़े नेता थे। उनका एक लंबा राजनीतिक संघर्ष था। उन्हें भारत रत्न की उपाधि दी, ये स्वागत योग्य है, लेकिन हम समझते हैं की देर आए दुरुस्त आए।
पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान
उत्तर प्रदेश के कासगंज में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा था- 'जिस समय अयोध्या में राम मंदिर की घटना घटी थी, बिना न्यायपालिका के किसी निर्देश के, बिना किसी आदेश के अराजक तत्वों ने जो तोड़-फोड़ की थी, उसपर तत्कालिन सरकार ने संविधान की, कानून की रक्षा के लिए उस समय जो गोली चलवाई थी वह सरकार का अपना कर्तव्य था, उन्होंने अपना कर्तव्य निभाया था।'
यह पहली बार नहीं है जब स्वामी प्रसाद मौर्य ने राम मंदिर या हिंदू धर्म को लेकर ऐसा बयान दिया है। कुछ दिन पहले भी इन्होंने हिंदू धर्म को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था, "ब्राह्मणवाद की जड़ें बहुत गहरी है और सारी विषमता का कारण भी ब्राह्मणवाद ही है। हिंदू नाम का कोई धर्म है ही नहीं, हिंदू धर्म केवल धोखा है।"