कई रुकावटों के बाद शुभेंदु अधिकारी और शंकर घोष पहुंचे संदेशखाली, स्थानीय लोगों ने किया स्वागत
ममता सरकार ने कोशिश खूब की लेकिन पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को रोक नहीं पाई। कई उतार चढ़ाव के बीच वो संदेशखाली पहुंच गए।

Sandeshkhali Breaking News: ममता सरकार ने कोशिश खूब की लेकिन पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को रोक नहीं पाई। कई उतार चढ़ाव के बीच वो संदेशखाली पहुंच गए। जहां उनका स्थानीय लोगों ने दिल खोलकर स्वागत किया।
शुभेंदु और भाजपा कार्यकर्ता पुलिस के रोके जाने के बाद धामखाली में धरने पर बैठ गए। फिर उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। अनुमति मिली तो शंकर घोष के साथ मोटर बोट पर सवार हो संदेशखाली पहुंच गए।
हाईकोर्ट ने दिया दखल, तो पहुंचे संदेशखाली
स्थानीय प्रशासन को उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति दी गई जिसमें कहा गया था कि सुवेंदु और भाजपा के शंकर घोष इस शर्त पर संदेशखाली का दौरा कर सकते हैं कि धारा 144 लागू होने के कारण बाकी कैडर उनके साथ नहीं जाएंगे। अदालत ने सोमवार को आदेश जारी किया था लेकिन औपचारिक प्रति मंगलवार को दी गई जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने भाजपा नेता को अनुमति दे दी।
एक्स पर Santu के पक्ष में
इससे पहले शुभेंदु ने एक्स पर आर बांग्ला के Fearless पत्रकार Santu Pan के लिए मुहिम शुरू की। पत्रकारिता और समाज के लिए काला दिन बताया और अपना संकल्प शेयर किया। लिखा- मैंने रिपब्लिक बांग्ला के पत्रकार संटू पान के साथ एकजुटता दिखाते हुए अपने सोशल मीडिया हैंडल पर अपनी प्रोफ़ाइल तस्वीर 24 घंटे के लिए काली कर दी है, जिन्हें संदेशखाली की महिलाओं पर भयानक अत्याचारों की बड़े पैमाने पर और लगातार रिपोर्टिंग करने के लिए ममता पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
मैं मीडिया को दबाने की ममता सरकार की इस बेशर्म कोशिश की निंदा करता हूं।