Breaking News: संदेशखाली जाएंगे तो कीड़े मकोड़े बाहर आ जाएंगे...बचा रही ममता सरकार- अग्निमित्रा पॉल
BJP विधायक अग्निमित्रा पॉल ने ममता सरकार पर संदेशखाली में कीड़े मकोड़ों को बचाने का आरोप लगाया है।

Sandeshkhali Atrocity: 24 परगना के संदेशखाली में हिंदू महिलाओं पर हो रही ज्यादती के खिलाफ बीजेपी सड़क पर है। प्रदेश की ममता सरकार तरह तरह से परेशान करने की कोशिश कर रही है। आर बांग्ला के रिपोर्टर के साथ भी पुलिस ने बर्बरता की। इस मसले को लेकर प्रदेश भाजपा के नेता संदेशखाली की ओर बढ़े तो उन्हें रोक दिया गया।
एमएलए अग्निमित्रा पॉल ने इसके पीछे ममता बनर्जी का हाथ बताया है। उन्होंने कहा है- ममता बनर्जी बहुत सी बातें छुपाना चाहती हैं… अगर हम आज संदेशखली जाएंगे तो 'कीड़े' खुलकर सामने आ जाएंगे… इसलिए हमें जाने नहीं दिया जा रहा है…हमारे एलओपी के पास न्यायालय से अनुमति थी फिर भी उन्हें रोका गया।
चक्रपाणि महाराज ने ममता राज को बताया तालिबानी
संत महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज ने भी रिपब्लिक के पत्रकार पर हुए पुलिसिया जुल्म की मुखालफत की। उन्होंने कहा- बंगाल में पत्रकार को गिरफ्तार करना अति निंदनीय, पत्रकार को तत्काल किया जाए ममता सरकार माफी मांगे अन्यथा ममता जी इस्तीफा दे, केंद्र सरकार से निवेदन है पश्चिम बंगाल में गजवा ए हिंद है... पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए।
शुभेंदु पहुंचे संदेशखाली
इससे पहले शुभेंदु और शंकर घोष को संदेशखाली जाने से रोकने की कोशिश ममता की पुलिस ने खूब की। लेकिन कई उतार चढ़ाव के बीच वो संदेशखाली पहुंच गए। जहां उनका स्थानीय लोगों ने दिल खोलकर स्वागत किया। शुभेंदु और भाजपा कार्यकर्ता पुलिस के रोके जाने के बाद धामखाली में धरने पर बैठ गए थे। फिर उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। अनुमति मिली तो शंकर घोष के साथ मोटर बोट पर सवार हो संदेशखाली पहुंच गए।
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हाईकोर्ट ने दिया दखल
स्थानीय प्रशासन को उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति दी गई जिसमें कहा गया था कि शुवेंदु और भाजपा के शंकर घोष इस शर्त पर संदेशखाली का दौरा कर सकते हैं कि धारा 144 लागू होने के कारण बाकी कैडर उनके साथ नहीं जाएंगे। अदालत ने सोमवार को आदेश जारी किया था लेकिन औपचारिक प्रति मंगलवार को दी गई जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने भाजपा नेता को अनुमति दे दी।
संदेशखाली में बवाल
संदेशखाली में हिंदू महिलाओं संग उत्पीड़न को लेकर लगातार रिपब्लिक रिपोर्ट कर रहा था। आरोप ममता बनर्जी के करीबी और भगोड़े टीएमसी नेता शेख शाहजहां पर लगे। कहा गया कि शाहजहां और उसके गुंडों ने हिंदू महिलाओं को अगवा किया और उनका कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया। सालों से ऐसा होता आ रहा है। 19 फरवरी को ग्राउंड जीरो की सच्चाई से आर बांग्ला के रिपोर्टर Santu Pan ने रूबरू कराया। इसके बाद उनके साथ बर्बरता की गई। जबरन उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले गिरफ्तार किया। विभिन्न हस्तियों ने इस पर हैरानी जताई। सोशल मीडिया पर लोगों ने ममता सरकार से कई सवाल किए। पूछा जा रहा है कि आखिर सच्चाई दिखाने वाला रिपोर्टर गिरफ्तार क्यों और बर्बरता करने वाला गुंडा फरार क्यों?