अपडेटेड 10 January 2026 at 19:44 IST
दाएं पंजे में 'रिजवान 2025' लिखा पीला रिंग, बाएं में 'रहमत' लिखा लाल रिंग, पंखों पर 'कोड वाले' स्टांप...कश्मीर में मिला संदिग्ध कबूतर; क्या है माजरा?
जम्मू कश्मीर के अखनूर सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LOC) के पास एक गांव से एक संदिग्ध कबूतर पकड़ा गया। इसके पैरों में 'रहमत सरकार' और 'रिजवान 2025' जैसे कोड लिखे हैं। सुरक्षा एजेंसियों को जासूसी या किसी साजिश का संदेह है।
- भारत
- 2 min read

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ चल रहे सख्त अभियानों के बीच शनिवार, 10 जनवरी को एक अजीब और संदिग्ध मामला सामने आया है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। जम्मू के अखनूर जिले के एक गांव में नियंत्रण रेखा (LOC) के पास एक संदिग्ध कबूतर मिला है।
कबूतर के पैर में 'रिजवान 2025' और 'रहमत' के अलावा पंखों पर एक खास तरह का कोड लिखा है। इस घटना के बाद आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई और सुरक्ष एजेंसियां सभी पहलू से जांच में तत्काल जुट गई है। संदेश जताया जा रहा है कि यह पड़ोसी देश पाकिस्तान से भेजा गया है।
कबूतर के पंखों पर खास मुहर लगी है
अखनूर जिले के कराह गांव में नियंत्रण रेखा (LOC) के पास जो संदिग्ध कबूतर मिला है, उसके दाए पैर में एक पीली अंगूठी है जिस पर ‘रिजवान 2025 (017282)’ लिखा है। वहीं, कबूतर के बाए पैर में एक लाल अंगूठी है जिस पर ‘रहमत सरकार (03158080213)’ लिखा हुआ है। इसके अलावा, कबूतर के पंखों पर भी मुहर लगी हुई है।
स्थानीय लड़के ने पकड़ा था कबूतर
बताया जा रहा है कि कबूतर के पंखों पर 'नौशेरा आलिंग कबूतर क्लब' की मुहर है। नौशेरा पाकिस्तान एक शहर है। पैरों में रिंग और पंखों का कोड लिखित इस कबूतर को स्थानीय लड़के ने पकड़ा था। जिस लड़के ने पकड़ा था, उसका नाम आर्यन बताया जा रहा है। नियंत्रण रेखा (LoC) के पास संदिग्ध कबूतर मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में चिंता बढ़ गई है।
Advertisement
स्थानीय पुलिस को सौंपा गया कबूतर
नियंत्रण रेखा के पास संदिग्ध कबूतर मिलने यह आशंका जताई जा रही है कि यह किसी बड़ी साजिश से जुड़ा हो सका है। हालांकि, पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। पुलिस यह मालूम कर रही है कि यह कबूतर कहां से आया था और कबूतर पर लिखे कोड का क्या मतलब हो सकता है। संदेश है कि कबूतर पर पाकिस्तानी चिह्न और नंबर हो सकते हैं। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और इस मामले की जांच में जुट गई हैं।
Advertisement
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 10 January 2026 at 19:43 IST