अपडेटेड 18 March 2025 at 21:08 IST
बिल्डर-बैंकों की साठगांठ पर भड़का सुप्रीम कोर्ट, कहा- हम होम बायर्स के आंसू नहीं पोछ सकते लेकिन चिंताओं का समाधान जरूर करेंगे
NCR में होम बायर्स की परेशानियों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वो इस मामले में बिल्डर-बैंकों की साठगांठ की CBI जांच का आदेश देगा।
- भारत
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अखिलेश राय
NCR में होम बायर्स की परेशानियों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वो इस मामले में बिल्डर-बैंकों की साठगांठ की CBI जांच का आदेश देगा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लाखों लोग घरों के लिए कराह रहे हैं। समाज का एक बड़ा तबका इससे पीड़ित है। हम उनके आंसू नहीं पोंछ सकते लेकिन हम उनकी चिंताओं को जरूर समाधान निकालने की कोशिश कर सकते है।
जो दोषी हैं वो धरती के नीचे भी जा छिपे हैं तो भी ढूंढ निकालेंगे- सुप्रीम कोर्ट
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जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कहा कि हम इस मसले की जड़ तक जाएंगे। जो दोषी है वो धरती के नीचे भी जा छिपे है तो ढूंढ निकालेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में वकील राजीव जैन को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया है। दो हफ्ते बाद कोर्ट आगे सुनवाई करेगा।
होम बायर्स ने बैंक और बिल्डर्स की साठगांठ का लगाया आरोप
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दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में कुछ होम बायर्स की ओर से आरोप लगाया था कि बैंक और बिल्डर्स की साठगांठ का खामियाजा उन्हें भुगतान पड़ रहा है। एक ओर जहां उन्हें बिल्डर/ डेवलेपर की ओर से फ्लैट का कब्जा नहीं दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर बैंक उन्हें EMI के लिए मजबूर कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने की सख्त टिप्पणी
दो हफ्ते पहले हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इसी तरह की सख्त टिप्पणी की थी। इस केस में होमबायर्स का कहना है कि बिल्डरों और बैंकों ने नियमों का उल्लंघन कर उन्हें लोन लेने का जरिया बनाया। बैंक ने बिना उनकी जानकारी के लोन की रकम सीधे बिल्डरों के खातों में ट्रांसफर कर दी। ये सीधे तौर पर RBI और नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB) के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। ऐसे में जब बिल्डरों ने बैंकों को EMI का भुगतान करना बंद कर दिया तो बैंकों ने उल्टे होमबायर्स के खिलाफ ही कार्रवाई शुरू कर दी।
Published By : Deepak Gupta
पब्लिश्ड 18 March 2025 at 21:07 IST