Stray Dogs Case: आवारा कुत्तों के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी, SC ने फैसला रखा सुरक्षित, हफ्ते भर में मांगी लिखित दलीलें

Stray Dogs Case: आवारा कुत्तों से जुड़े मामले में उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को फिर से सुनवाई हुई। हालांकि सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने दायर याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

Follow : Google News Icon  
Supreme Court stray dogs case
Supreme Court stray dogs case | Image: Freepik / ANI

Stray Dogs Case: आवारा कुत्तों से जुड़े मामले में उच्चतम न्यायालय ने गुरूवार को फिर से सुनवाई हुई। हालांकि सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने दायर याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। आवारा कुत्तों से जुड़े एक पुराने मामले में कोर्ट ने सभी पक्षों की बात सुनने के बाद वकीलों से लिखित दलीलें जमा करने के निर्देश दिए हैं। बता दें, आवारा कुत्तों से जुड़े मामलों में बदलाव की मांग को लेकर कई याचिकाएं दायर की गई थीं। इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।

एक हफ्ते बाद आ सकता है फैसला

कोर्च ने सभी वकीलों से कहा है कि वे एक हफ्ते के अंदर अपनी लिखित दलीलें मांगी हैं। इसके बाद अदालत इस मामले में फैसला सुनाएगी। सुनवाई के दौरान देश के अलग-अलग राज्यों से जुड़े डॉग लवर्स, कुत्तों के काटने के शिकार हुए लोगों, एनिमल राइट एक्टिविस्ट, केन्द्र और राज्य सरकारों समेत सभी पक्षकारों की ओर से पेश वकीलों की दलीलें कोर्ट ने विस्तार से सुनीं। इसके बाद अदालत ने सभी पक्षों को एक हफ्ते में लिखित दलीलें जमा करने का आदेश दिया।

राज्यों ने अपनी रणनीतियों की दी जानकारी

सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों के मुद्दे पर सुनवाई में पंजाब, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों ने अपनी रणनीतियों की जानकारी दी। कोर्ट ने NHAI के वकील की दलीलें भी सुनीं, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्गों से आवारा कुत्तों को हटाने और सड़कों की फेंसिंग करने के प्रयासों पर चर्चा हुई।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (AWIB) को भी साफ निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि जो NGO पशु आश्रय गृह या एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर चलाने की अनुमति मांग रहे हैं, उनके आवेदन जल्द निपटाए जाएं। कोर्ट ने AWIB से कहा, "या तो आवेदन मंजूर करें या खारिज करें, लेकिन इसमें देरी न करें।"

Advertisement

ये आंकड़े बेहद भयावह: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने असम में कुत्तों के काटने के आंकड़ों पर हैरानी जताई, जहां 2024 में 1.66 लाख घटनाएं और 2025 में जनवरी में ही 20,900 घटनाएं दर्ज हुईं। कोर्ट ने कहा, "ये आंकड़े बेहद भयावह हैं।" अदालत ने अस्पष्ट बयान देने वाले राज्यों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। गोवा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, झारखंड और गुजरात की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने स्कूलों और अस्पतालों में आवारा पशुओं को रोकने के निर्देशों का पालन न होने पर कहा, “राज्य सरकारें सिर्फ कहानी सुनाती हैं, जमीनी कार्रवाई नहीं होती।”

ये भी पढ़ें:  UP Cabinet Meeting: यूपी में 15 लाख शिक्षक और शिक्षामित्र निजी अस्पतालों में करा सकेंगे कैशलेस इलाज, योगी कैबिनेट ने इन फैसलों पर लगाई मुहर

Advertisement
Published By:
 Sujeet Kumar
पब्लिश्ड