ममता बनर्जी को एक और झटका, 20 बागी सांसदों को लोकसभा में अलग बैठने की मंजूरी; अब सदन में आधी से भी कम रह गई TMC की ताकत

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने टीएमसी के 20 बागी सांसदों को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने इन सांसदों को सदन में अलग बैठने की मंजूरी दे दी है।

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Speaker also approved separate seating in the Lok Sabha for 20 MPs who broke away from TMC to form NCPI (Nationalist Citizens Party of India (NCPI).
Speaker also approved separate seating in the Lok Sabha for 20 MPs who broke away from TMC to form NCPI (Nationalist Citizens Party of India (NCPI). | Image: X, ANI

West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ममता बनर्जी का साथ छोड़ने वाले तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों को लोकसभा में अलग बैठने की मंजूरी मिल गई है।

दरअसल, टीएमसी के 28 में से 20 सासंदों ने 15 जून को नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय कर लिया था। इस के बाद इन्होंने स्पीकर से सदन में TMC के अन्य सांसदों से अलग बैठने की जगह देने की मांग की थी। साथ ही बागी NDA को समर्थन देने की बात कही थी।

सर्वदलीय बैठक में TMC के बागी सांसदों को न्योता

उधर, संसद के मानसून सत्र से पहले संसदीय कार्य मंत्रालय ने फ्लोर लीडर्स की बैठक बुलाई है, जो कि रविवार 19 जुलाई को सुबह 11 बजे होगी। यह बैठक दिल्ली स्थित संसद भवन एनेक्सी के मुख्य समिति कक्ष में आयोजित की गई है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने टीएमसी के बागी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय को इस बैठक में शामिल होने का निमंत्रण दिया है।

विधायी कामकाज को लेकर होगी चर्चा

उनके अलावा NCPI की चीफ व्हिप डॉ. काकोली घोष को भी बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। इस बैठक में मानसून सत्र के विधायी कामकाज और उठने वाले मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

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किरेन रिजिजू ने पत्र में क्या कहा?

किरेन रिजिजू ने पत्र में कहा, ‘हाल ही में आप (सुदीप बंद्योपाध्याय) 19 अन्य सांसदों के साथ NCPI में शामिल हुए हैं और लोकसभा के माननीय अध्यक्ष से मान्यता देने का अनुरोध किया है, जिस पर अभी विचार किया जा रहा है। लोकसभा और राज्यसभा में राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स की बैठक में संसद के आने वाले मानसून सत्र के दौरान सदनों में उठाए जाने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों और विधायी कामकाज पर चर्चा होगी। मैं आपसे सहयोग की अपेक्षा करता हूं ताकि संसद के दोनों सदन सुचारू रूप से चल सकें।’

इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की संभावना है। उधर माना जा रहा है कि विपक्ष जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को पुलिस के अस्पताल ले जाने का मामला जोरदार तरीके से उठा सकता है। साथ ही राम मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला भी चर्चा में रहने की उम्मीद है। सपा पहले ही उस मुद्दे को लेकर सरकार को सदन में घेरने की बात बोल चुकी है।

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कब शुरू होगा संसद का मानसून सत्र?

बता दें कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा और 13 अगस्त तक चलेगा। इससे पहले रविवार को होने वाली सर्वदलीय बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार का प्रयास है कि मानसून सत्र के दौरान राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सार्थक बहस, चर्चा और फैसले बिना किसी रुकावट के लिए जा सकें।

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Published By:
 Priyanka Yadav
पब्लिश्ड