Smartest AI Nutrition Assistant: कौन है 22 साल की लड़की पल्लवी तल्लूरी? PM मोदी ने राष्ट्रीय पुरस्कार से किया सम्मानित
क्या हो अगर आपका फोन न सिर्फ आपकी थाली में रखे खाने को पहचान सके, बल्कि खाने की तस्वीर देखकर यह भी बता सके कि आपके लिए क्या खाना सही होगा और गलत। ऐसा कर दिखाया है 22 साल की लड़की पल्लवी तल्लूरी ने।
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तेलंगाना के खम्मम जिले की तल्लूरी पल्लवी ने महज 22 साल की उम्र ऐसा काम कर के दिखाया है कि आज पूरी दुनिया में उनकी चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने पल्लवी को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से एक ऐसा ऐप बनाया है जो आपकी थाली में रखे खाने को पहचान सके, बल्कि यह भी बता सके कि आपको आगे क्या खाना चाहिए?
क्या हो अगर आपका फोन न सिर्फ आपकी थाली में रखे खाने को पहचान सके, बल्कि खाने की तस्वीर देखकर यह भी बता सके कि आपके लिए क्या खाना सही होगा और गलत। इसके साथ ही यह खाने से जुड़े आपके सवालों को समझकर पोषण से जुड़ी सलाह भी दे। तल्लूरी पल्लवी ने यह सच कर दिखाया। उन्होंने AI की मदद से ऐसा ही एक ऐव बनाया है।
पीएम मोदी ने पल्लवी को दिया राष्ट्रीय पुरस्कार
तल्लूरी पल्लवी ने एक AI-संचालित पोषण सहायक विकसित किया है जो प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण (NLP) और कंप्यूटर विजन का इस्तेमाल करके व्यक्तिगत आहार संबंधी सलाह देता है। उनके इस आविष्कार ने खम्मम में गर्व की लहर दौड़ा दी है, क्योंकि पल्लवी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (AIPA) श्रेणी में देश भर में पहला स्थान हासिल किया और शनिवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में कौशल दीक्षांत समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किया।
क्या करता है पल्लवी का AI ऐप?
इस ऐप के बारे में बताते हुए पल्लवी ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा है कि हमने एक ऐसा AI-संचालित वर्ड न्यूट्रिशन असिस्टेंट बनाया है जो टेक्स्ट और इमेज इनपुट को प्रोसेस करके आपके लिए खास आहार संबंधी सुझाव दे सकता है। इतना ही नहीं इसमें नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) और खाने की पहचान के लिए कंप्यूटर विजन का उपयोग किया गया है। ताकि यह इमेज से खाने की चीजों को पहचान सके। साधारण शब्दों में कहें तो AI आपके खाने की थाली को देखकर सलाह दे सकता है कि क्या गलत है और क्या सही?
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कौन है 22 साल की पल्लवी तल्लूरी?
जिला मुख्यालय से मुश्किल से 6 किलोमीटर दूर,अरेम्पुला गांव की मूल निवासी पल्लवी ने अपनी स्कूल पढ़ाई खम्मम में करने के बाद, KITS कॉलेज से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की पढ़ाई पूरी की। बचपन से ही मेधावी और दृढ़निश्चयी पल्लवी अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता, तल्लूरी रवि को देती हैं, जो एक निजी इलेक्ट्रीशियन हैं। पल्लवी दो भाई-बहनों में बड़ी हैं। उनकी छोटी बहन, लावण्या, ने एमबीए पूरा कर लिया है और वर्तमान में खम्मम में आगे की पढ़ाई कर रही हैं। बीटेक पूरा करने के बाद, पल्लवी हैदराबाद में केंद्र सरकार के एक वर्षीय कौशल विकास कार्यक्रम में शामिल हो गईं।