जब अंदर से हिंदू नहीं तो बाहर से कैसे...,राहुल गांधी पर बरसे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती,जनेऊ धारण पर कह दी बड़ी बात
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने राहुल गांधी पर बरसते हुए कहा कि जब आप अंदर से हिंदू नहीं तो बाहर से कैसे हो सकते हैं।
- भारत
- 3 min read

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर दिखा हमला बोला है। उन्होंने राहुल को हिंदू धर्म से बहिष्कृत तक करने की बात कह डाली। मनुस्मृति की आलोचना करने को लेकर शंकराचार्य ने कांग्रेस नेता से पूछा कि एक हिंदू अपने ही धर्म पर सवाल कैसे उठा सकता है? उन्होंने कहा कि इससे साफ होता है कि व्यक्ति की हिन्दू धर्मशास्त्र और हिन्दू ग्रंथों के प्रति आस्था नहीं है।
उत्तराखंड जोशीमठ स्थित ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने राहुल गांधी के उस बयान की निंदा की है जिसमें उन्होंने हिंदुओं के पवित्र ग्रंथ मनुस्मृति पर टिप्पणी की थी। शंकराचार्य ने कहा कि मनुस्मृति हम हिंदुओं का पवित्र ग्रंथ है और आप उसके बारे में गलत कह रहे हैं। उसे दूसरे का ग्रंथ बता रहे हैं तो आप कैसे हिंदू हो सकते हैं? जो अंदर से हिंदू नहीं वो बाहर से कैसे हो सकता है। अगर हिंदू नहीं है तो हिंदू बनने का नाटक क्यों करना है।
राहुल को हिंदू धर्म से क्यों नहीं निकाला जाए-शंकराचार्य
राहुल गांधी के बयान पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, कोई कहे कि मैं मुसलमान हूं लेकिन, क़ुरान की निंदा करे तो क्या वो मुसलमान रह पाएगा। कोई कहे कि मैं क्रिश्चियन हूं लेकिन बाइबल की निंदा करता हूं, बाइबल की गलती निरुपित करने लगे तो क्या वो ईसाई रह पाएगा। ठीक उसी तरह मनुस्मृति की आलोचना करने पर आप हिंदू कैसे हो सकते हैं? इस पर कोई भी सनातन धर्मावलंबी आपत्ति करेगा।
राहुल का जनेऊ धारण करना नाटक का हिस्सा-शंकराचार्य
वहीं, राहुल गांधी के जनेऊ पहनने पर शंकराचार्य ने कहा कि लोग नाटक भी राजा का वेश धारण करते हैं तो क्या वो राजा बन जाते हैं। वेश धारण कर लेना हिंदू की पहचान नहीं है। हिन्दू धर्म ग्रंथों के प्रति दृढ़ आस्था ये हिन्दू धर्म की पहचान है और हमारा धर्मशास्त्र हमारा प्रतीक है उसके प्रति आस्था नहीं है तो आप कैसे हिंदू हो सकते हैं। कोई भी सनातन धर्म का शख्स होगा वो इसका विरोध करेगा।
Advertisement
पहलगाम आतंकी घटना को लेकर किए सवाल पर शंकराचार्य ने कहा ये बेहद दुखद घटना है। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। हम चाहते हैं कि हमारे देश की सरकार इसका जवाब दे। जिन्होंने भी ये किया है उसे जवाब मिलना चाहिए।