संसद में महिला आरक्षण बिल गिराना विपक्ष को पड़ा भारी, कांग्रेस समेत कई पार्टियों को झटका, एक साथ कई महिला नेताओं ने थामा BJP का दामन
उत्तराखंड में भाजपा की महिला आरक्षण बिल नीति से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में महिलाओं ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। मीणा शर्मा और पूनम गुप्ता जैसे कई कांग्रेसी नेताओं में बीजेपी ज्वाइन कर लिया है।
- भारत
- 2 min read
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक बड़ा सियासी उलटफेर देखा गया है। दरअसल, केंद्र सरकार संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल पास करना चाहती है, लेकिन संसद में कांग्रेस के नेताओं ने उस समय जमकर विरोध किया था। कई हफ्तों बाद अब कई कांग्रेसी महिला नेताओं ने कांग्रेस का दामन थोड़कर भाजपा का हाथ पकड़ लिया।
भाजपा में शामिल होने के दौरान प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने फूल माला और पार्टी पटका पहनाकर सभी नेताओं को पार्टी ज्वाइनिंग कारवाई। इन कांग्रेसी नेताओं को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में ज्वाइनिंग कराई गई। इन नेताओं में कांग्रेस, रुद्रपुर नगर पालिका अध्यक्ष मीणा शर्मा, रुद्रप्रयाग से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और 2022 पूर्व विधायक प्रत्याशी लक्ष्मी राणा ने भाजपा का दामन थाम लिया।
इन कांग्रेसी नेताओं ने भाजपा का दामन थामा
भाजपा की महिला आरक्षण बिल नीति से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में जिन महिलाओं ने थामा बीजेपी का दामन थामा है, उसमें रुद्रप्रयाग से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और 2022 पूर्व विधायक प्रत्याशी लक्ष्मी राणा, कांग्रेस रुद्रपुर से वरिष्ठ उपाध्यक्ष पूनम गुप्ता और कांग्रेस रुद्रपुर नगर पालिका अध्यक्ष मीणा शर्मा ने भी बीजेपी का दामन था लिया है।
अनिल शर्मा और दर्शन लाल आर्य भाजपा में शामिल
कांग्रेसी महिला नेताओं के अलावा, कई पुरुष नेताओं ने भी बीजेपी का हाथ थाम लिया। घनसाली से पूर्व निर्दलीय प्रत्याशी दर्शन लाल आर्य, अनिल शर्मा कांग्रेस पूर्व प्रदेश प्रवक्ता और कांग्रेस रुद्रपुर से अध्यक्ष संजीव रस्तोगी ने भी बीजेपी का दामन थाम लिया है।
Advertisement
भाजपा प्रदेश मुख्यालय में कराई गई ज्वाइनिंग
बताया जा रहा है कि सभी नेताओं को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में ज्वाइनिंग कराई गई। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने फूल माला और पार्टी पटका पहनाकर सभी नेताओं को पार्टी ज्वाइन कराई। इस दौरान मुख्यालय में अन्य कई बड़े नेता भी शामिल थे।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कांग्रेस ने किया था विरोध
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल पर बहस के बाद बिल पास करना चाहती थी, लेकिन बिल पास नहीं हुआ; यह 54 वोटों की कमी से गिर गया, क्योंकि 528 उपस्थित सदस्यों में से 352 (दो-तिहाई) की आवश्यकता थी।
इस बीच कांग्रेसी नेताओं ने बीजेपी पर आरोप लगाया था कि कांग्रेस का आरोप है कि सरकार इस बिल के जरिए अपनी राजनीतिक मंशा पूरी कर रही है, न कि वास्तव में महिलाओं को सशक्त बनाना चाहती है।