संदेशखाली की सच्चाई दिखाने से ममता की पुलिस ने रिपोर्टर को रोका, रिपब्लिक मीडिया लड़ेगा कानूनी लड़ाई

Sandeshkhali News: संदेशखाली मामले से ममता सरकार इतना डर गई है कि पत्रकारों को सच्चाई दिखाने से रोकने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है।

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West Bengal News: संदेशखाली मामले से ममता सरकार इतना डर गई है कि पत्रकारों को सच्चाई दिखाने से रोकने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है। बंगाल में संदेशखाली की सच्चाई दिखाने गए रिपब्लिक बांग्ला के पत्रकार को पहले रिपोर्टिंग करने से रोका गया और फिर उसपर हमला भी किया गया। आपको बता दें कि संदेशखाली में रिपोर्टर को घसीटा गया है।

ऐसे में रिपल्बिक ने इस मामले को कानूनी तरीके से लड़ने का फैसला किया है। इस मामले के लिए रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा।

क्या है संदेशखाली का मामला?

इसकी शुरुआत पांच जनवरी की एक सर्द सुबह तब हुई जब करोड़ों रुपये के राशन वितरण घोटाले से जुड़े धनशोधन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने तृणमूल कांग्रेस के ताकतवर नेता शाहजहां शेख के संदेशखालि स्थित आवास पर छापेमारी की कार्रवाई की।

छापेमारी के दौरान शाहजहां के समर्थकों ने न केवल ईडी अधिकारियों को उसके घर में प्रवेश करने से रोका, बल्कि केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम के सदस्यों के शहर से लगभग 74 किमी दूर गांव से भागने तक मारपीट की।

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जिले के बशीरघाट उप मण्डल के अंतर्गत आने वाले संदेशखालि से जिला परिषद सदस्य शाहजहां तब से फरार है लेकिन उसके करीबियों का दावा है कि इलाके पर अब भी ‘‘उसका काफी हद तक नियंत्रण है।’’

ईडी की घटना के बाद बड़ी संख्या में महिलाआएं सड़क पर उतरीं और आरोप लगाया कि शाहजहां और उसके आदमियों ने झींगे की खेती के लिए जबरन उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया और कई सालों से वे उनको प्रताड़ित कर रहे हैं और यौन उत्पीड़न कर रहे हैं।

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क्या है मुख्य आरोप?

कई महिलाओं में से एक ने शाहजहां के आदमियों से पहचान छिपाने के लिए चेहरा छिपाते हुए आरोप लगाया कि ‘‘(तृणमूल) पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाकर सर्वेक्षण करते हैं और कोई खूबसूरत महिला या युवती या लड़की होती है तो उन्हें उठाकर पार्टी कार्यालय लाते हैं। वे महिला को उस रात तक रखते थे जबतक संतुष्ट नहीं हो जाते है।’’

महिलाओं ने बताया कि शाहजहां के फरार होने से उन्हें पिछले कई सालों से जारी उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत मिली। उन्होंने बताया कि इस पूरे अपराध में केवल शाहजहां ही नहीं बल्कि उसका कथित साथी और तृणमूल के अन्य नेता उत्तम सरदार अैर शिवप्रसाद हजारा भी संलिप्त है।

(इनपुटः PTI)

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Published By:
 Kunal Verma
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