अपडेटेड 3 January 2025 at 17:07 IST
Sambhal Violence: सपा सांसद जियाउर रहमान बर्क को कोर्ट से बड़ा झटका, FIR रद्द करने से इनकार, गिरफ्तारी को लेकर ये अपडेट
Sambhal Violence: सपा सांसद जियाउर रहमान बर्क को संभल हिंसा से जुड़े मामले में बड़ा झटका लगा है। इलाहाबाद HC ने FIR रद्द करने से इनकार कर दिया है।
- भारत
- 3 min read

Sambhal Violence: उत्तर प्रदेश के संभल में शाही जामा मस्जिद में 24 नवंबर को हुए सर्वे के दौरान हुई हिंसा को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। दरअसल, समाजवादी पार्टी से सांसद जियाउर रहमान बर्क के खिलाफ हिंसा के मामले में दर्ज FIR रद्द करने से इंकार कर दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस फैसले से सपा सांसद बर्क को बड़ा झटका लगा है।
हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से इंनकार करते हुए कहा कि इस मामले में एफआईआर रद्द नहीं होगी। पुलिस की जांच जारी रहेगी। हालांकि, हाईकोर्ट ने पुलिस को फिलहाल सांसद बर्क को गिरफ्तार नहीं करने को कहा है। HC ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने आदेश पर अमल करने को कहा है।
इलाहाबाद HC ने कहा है कि जिन धाराओं में सांसद बर्क के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, उनमें 7 साल से कम की सजा होती है। इस मामले में पुलिस सांसद बर्क को नोटिस जारी करेगी। नोटिस जारी कर उन्हें पूछताछ के लिए बुला सकती है। सांसद जियाउर रहमान बर्क को पुलिस की जांच में सहयोग करना होगा। बता दें, सपा सांसद बर्क ने एफआईआर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए इसे रद्द किए जाने की गुहार लगाई थी। जस्टिस राजीव गुप्ता और जस्टिस अजहर हुसैन इदरीसी की डिवीजन बेंच में हुई मामले की सुनवाई।
सर्वे रिपोर्ट को लेकर कोर्ट कमिश्नर का बयान
कोर्ट कमिश्नर ने संभल में शाही जामा मस्जिद सर्वे रिपोर्ट को लेकर कहा, "हम इतना ही बता सकते हैं 40 से 45 पेज की रिपोर्ट है। रिपोर्ट पेश कर दिया गया है। काफी फोटोग्राफी वगैरह की गई थी, इसलिए थोड़ा समय लगता है।"
Advertisement
4.5 घंटे के वीडियोग्राफी में क्या-क्या मिला?
संभल के जामा मस्जिद के ASI सर्वे की रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई। सूत्रों के मुताबिक पहले दिन के सर्वे में यानि कि 19 नवंबर को करीब डेड घंटे की वीडियोग्राफी हुई जबकि दूसरे दिन करीब तीन घंटे की वीडियोग्राफी हुई। सूत्रों के मुताबिक सर्वे रिपोर्ट में करीब साढ़े चार घंटे की वीडियोग्राफी सर्वे के दौरान की गई। 1200 के करीब फोटो लिए गए। सूत्रों के मस्जिद में मंदिर होने के प्रमाण मिले हैं। मस्जिद के अंदर दो वट वृक्ष भी मिले हैं। आमतौर पर हिंदू धर्म में मंदिरों में वट वृक्ष की पूजा होती है। वहीं मस्जिद में कुआ है, जो आधी अंदर और आधी बाहर है। बाहर वाले हिस्से को ढक दिया गया है, जबकि कुंआ का आधा हिस्सा मस्जिद के अंदर है।
पुराने ढांचों को बदलने के मिले सबूत
इसके अलावा 50 से जायदा फूल के निशान मिले हैं। गुम्बद के हिस्से को प्लेन कर दिया गया। इसके साथ ही पुराने ढांचों के बदलने के भी सबूत मिले हैं। नए कंस्ट्रशन के सबूत मिले। मंदिर के शेप पर प्लास्टर लगा कर पेंट कर दिया गया है। मस्जिद में अंदर जहां बड़ा गुम्बद है, उस गुम्बद पर झुमूर को तार से बांध कर एक चेन से लटकाया गया है। वैसे चेन का इस्तेमाल मंदिर के घंटों में किया जाता है।
Advertisement
Published By : Kanak Kumari Jha
पब्लिश्ड 3 January 2025 at 16:51 IST