Sambhal Violence: हिंसा भड़काने वाले 29 उपद्रवियों पर कसा शिकंजा, पुलिसकर्मियों के घायल होने के मामले में याचिका खारिज
Sambhal Violence: संभल हिंसा मामले में 29 आरोपियों को बड़ा झटका देते हुए कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी है।
- भारत
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Sambhal Violence: संभल के जामा मस्जिद में ASI सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले में आरोपी पक्ष को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने गिरफ्तार 29 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी पक्ष अब इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख कर सकता है। बता दें, ये सभी आरोपी संभल में बीते साल 24 नवंबर को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए बवाल में चार लोग की मौत और 29 पुलिसकर्मियों के घायल होने के मामले में जेल में बंद हैं।
वहीं दूसरी ओर, संभल शाही मस्जिद कमेटी ने इलहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मस्जिद के रंगाई पुताई की इजाजत मांगी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट इसे लेकर गुरूवार को सुनवाई करेगा।
संभल हिंसा में चार लोगों की हुई थी मौत
24 नवंबर 2024 को संभल के कोट गर्वी मोहल्ले में स्थित शाही जामा मस्जिद के ASI सर्वेक्षण के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। सर्वे के लिए मस्जिद पहुंची ASI की टीम पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया। इस घटना में चार लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा कई लोग जख्मी हो गए थे।
मामले में 76 आरोपियों की गिरफ्तारी
संभल के एसपी ने बताया कि 'संभल में हिंसा फैलाने वाले आरोपियों की धरपकड़ तेजी से जारी है। जो कोई भी संभल हिंसा में शामिल थे किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। संभल हिंसा के सभी आरोपियों को जेल भेजा जाएगा उन पर उचित कार्रवाई होगी। फिलहाल अभी तक संभल हिंसा के कुल 76 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।' बता दें, गिरफ्तार किए गए लोगों में चार महिलाएं भी शामिल हैं। संभल हिंसा मामले में यूपी एसआईटी लगातार सक्रिय है और तेजी से कार्रवाई कर रही है।
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संभल से मुस्लिमों के पलायन की खबर गलत
बता दें, हिंसा के बाद इस तरह की खबरें सामने आई, जिसमें कहा जा रहा था कि इलाके से मुसलमान पलायन कर रहे हैं। दरअसल, AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने इस तरह का आरोप लगाया था। हालांकि, ओवैसी द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए संभल के एसपी ने कहा कि 24 नवंबर को संभल में हुई हिंसा में 2500 से 3000 लोग शामिल थे, जिसमें से केवल 79 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, बाकी का हिसाब अपने आप लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हिंसा में शामिल लोगों ने अपने फोटो पोस्टर पर देखे होंगे। उसके आधार पर वे लोग यहां नहीं हो सकते। लेकिन, आम जनता में किसी तरह का कोई डर नहीं है।
एसपी ने कहा, "मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि किसी भी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन जो लोग दोषी हैं, जिन्होंने पुलिस पर हमला किया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।"