सपा का दल संभल जाने पर अड़ा, प्रशासन ने दरवाजे पर लगाई पुलिस; माता प्रसाद बोले- हकीकत का पता...

समाजवादी पार्टी के नेता हुंकार भर रहे हैं कि वो संभल जाएंगे। हालांकि सपा के प्रतिनिधिमंडल के संभल दौरे से पहले नेताओं के घर के बाहर पुलिस का पहरा है।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
mata prasad pandey residence police personnel deployed
सपा नेता माता प्रसाद पांडेय के घर के बाहर पुलिस का पहरा लगा। | Image: ANI

Sambhal Violence: संभल की हिंसा पर सियासत जारी है। समाजवादी पार्टी के नेता किसी भी तरह संभल जाना चाहते हैं। उसके लिए पार्टी ने एक प्रतिनिधिमंडल बनाया है, जो संभल जाने पर अड़ा हुआ है। हालांकि संभल में पहले से बाहरी लोगों के घुसने पर पाबंदी है। ऐसे में सपा नेता जब संभल जाने पर आमादा हैं तो प्रशासन ने उनके दरवाजों पर पुलिस फोर्स लगा दी है।

समाजवादी पार्टी के नेता हुंकार भर रहे हैं कि वो संभल जाएंगे और हर हाल में संभल जाकर रहेंगे। मसलन समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के संभल दौरे से पहले नेताओं के घरों के बाहर पुलिस का पहरा दिखा है। माता प्रसाद पांडे के घर के बाहर पुलिस का डेप्लॉयमेंट है।

सपा संभल भेज रही है अपना प्रतिनिधिमंडल

समाजवादी पार्टी ने घोषणा की है कि 30 नवंबर यानी आज पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल संभल आ रहा है, जिसका अगुवाई यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय करेंगे। इस प्रतिनिधिमंडल में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल भी शामिल होंगे। इसके अलावा संभल के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क भी मौजूद रहेंगे। संभल विधायक इकबाल महमूद, कैराना की सांसद इकरा हसन, मुरादाबाद से सपा सांसद रुचि वीरा और विधायक रविदास मेहरोत्रा समेत कुल 15 नेताओं का डेलिगेशन संभल जाने वाला है, जो घटनास्थल पर जाकर हिंसा में मरने वाले लोगों के परिजनों से मिलना चाहता है। हालांकि प्रशासन इसकी अनुमति नहीं दे रहा है।

यह भी पढ़ें: न्यायालय ने संभल मस्जिद विवाद में निचली अदालत की कार्यवाही रोकी; सरकार से शांति बनाए रखने को कहा

Advertisement

प्रशासन ने 10 दिसंबर तक बाहरी लोगों की एंट्री रोकी

जिला प्रशासन की ओर से 29 नवंबर को जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि जनपद संभल की सीमा में सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना किसी भी बाहरी, अन्य सामाजिक संगठन और जनप्रतिनिधि के प्रवेश को प्रतिबंधित किया गया है। जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया की ओर से जारी आदेश में ये भी बताया गया है कि 24 नवंबर को हुए पथराव, आगजनी और गोलीबारी की घटना के बाद संभल का माहौल अति संवेदनशील है। संवेदनशीलता के मद्देनजर संभल जिले की सीमा में बाहरी लोगों की एंट्री बिना अनुमति के 10 दिसंबर तक प्रतिबंधित रहेगी।

पार्टी दफ्तर जाएंगे सपा नेता, तय करेंगे आगे की रणनीति

हालांकि माता प्रसाद पांडेय कहते हैं कि संभल डीएम का फोन आया है कि 10 तारीख तक ना आएं। सपा नेता ने आगे की रणनीति के बारे में बताते हुए कहा कि अभी पार्टी दफ्तर जा रहे हैं। उन्हें मुझे नोटिस देना चाहिए था, लेकिन बिना किसी नोटिस के उन्होंने मेरे आवास के बाहर पुलिस तैनात कर दी। उन्होंने कहा कि अभी पार्टी दफ्तर जाएंगे और वहां तय करेंगे। हमें कहीं जाने की स्वतंत्रता है। हमारा मौलिक अधिकार है। सरकार संविधान पर भरोसा नहीं करती और हमें पालन नहीं करने देती है। माता प्रसाद पांडेय ने आगे कहा कि ये हमें इसलिए नहीं जाने देना चाहते, क्योंकि ये भम्र पैदा करना चाहते हैं। अगर जाएंगे तो हकीकत का पता लग जाएगा।

Advertisement

यह भी पढ़ें: संभल में इंटरनेट सेवा फिर से शुरू, 10 दिसंबर तक धारा 163 लागू

Published By:
 Dalchand Kumar
पब्लिश्ड