'धैर्य की भी एक सीमा है,जब यह टूटेगी तो भागने की जगह नहीं...', पप्पू यादव के साधु भेष पर फूटा संतों का गुस्सा, कहा- ये यादव नहीं खान है

राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के विरोध में संसद के बाहर पप्पू यादव के साधु भेष में विरोध प्रदर्शन के तरीके पर साधु संतों ने नाराजगी जताई है। साथ ही इसे भारतीय संसद का दुरुपयोग बताया है।

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Pappu Yadav
Pappu Yadav | Image: X/ANI

संसद भवन परिसर में शुक्रवार को अयोध्या के राम मंदिर में हुई चढ़ावे की कथित चोरी के विरोध में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने साधु का रूप धारण कर अनोखा प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के सांसदों ने पप्पू यादव के के नाटक मंचन में खुलकर साथ दिया। पप्पू यादव एक साधु के वेशभूषा में भगवा वस्त्र पहनकर दान पात्र में रुपये एकत्र करते और फिर उस रकम को लेकर भागते दिखाए दिए। संसद परिसर में हुए इस इस ड्रामा पर अब साधु संतों ने कड़ा एतराज जताया है।

अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा, "भारतीय संसद का दुरुपयोग जिस प्रकार हिन्दू समाज को गालियां देने के लिए किया जा रहा है वो निंदनीय है। पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर इस देश की सनातन संस्कृति, साधु-संतों का अपमान कर रहा है।

हमारे धैर्य की परीक्षा ना लें-जितेंद्रानंद सरस्वती

जितेंद्रानंद सरस्वती ने आगे कहा, 'क्या राम मंदिर चोरी में कोई साधु-संत शामिल है? जिन लोगों ने चोरी की वो जेल के अंदर हैं...हमारे धैर्य की भी एक सीमा है, जब धैर्य की सीमा समाप्त होगी तब संघर्ष सड़कों पर होगा और भागने की जगह नहीं मिलेगी ये राहुल गांधी और उनकी पार्टी को ठीक से याद रखना चाहिए। मैं लोकसभा अध्यक्ष से पप्पू यादव की लोकसभा सदस्यता खत्म करने की मांग करता हूं।'

पप्पू यादव नहीं पप्पू खान है-महंत सीताराम दास

वहीं, अयोध्या के महंत सीताराम दास जी महाराज पीठाधीश्वर साकेत भवन ने कहा, "पप्पू यादव नहीं पप्पू खान है। ये भगवा के अपमान का काम कर रहा है। इसने कई बार हमारे सनातन धर्म को अपमानित करने का काम किया है।आने वाले दिनों मे जनता जवाब देकर मिट्टी में मिलाने का काम करेगी।"

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पप्पू यादव ने भगवा का अपमान किया-विष्णु दास महाराज

वहीं, महामंडलेश्वर विष्णु दास महाराज ने कहा, "पप्पू यादव ने भगवा वस्त्र धारण करके, भगवान की तस्वीर लेकर नौटंकी कर रहे हैं। भगवा का अपमान कर रहे हैं। संत समाज ये बर्दाश्त नहीं कर सकता। भगवा का अपमान भगवान राम का अपमान है, सनातन का अपमान है।"

पूरे विवाद पर पप्पू यादव ने क्या कहा?

वहीं, पूरे विवाद पर पप्पू यादव की भी प्रतिक्रिया आई है। संसद के बाहर विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन पर उन्होंने कहा, "हिंदू धर्म और सनातन RSS का नहीं है। हिंदू धर्म मेरा है, सनातन मेरा है, हम भगवान राम के रास्ते पर चलने वाले हैं। ये नकली और ढोंगी बाबा हैं, जिनका कोई चरित्र ही नहीं है। असल शंकराचार्य के मार्ग पर ये लोग नहीं चलते हैं।"

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"पुजारी के भेष में RSS को राम मंदिर में बैठाया गया। पूरे देश के मंदिरों का सब कुछ इन लोगों ने चोरी कर लिया। हम तो देश की 100 करोड़ सनातन को मानने वाली आबादी की आवाज उठा रहे हैं। जब तक भगवान के खिलाफ गद्दारी करने वालों के खिलाफ सरकार जांच नहीं करेगी, छोटी मछली को पकड़ेगी और बड़ी मछली को बचाएगी, तब तक ये अनवरत देश में चलता रहेगा।"

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Published By:
 Rupam Kumari
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