अनुभवी नेता, समाज कल्याण के प्रति समर्पित...शिवराज पाटिल के निधन पर पीएम मोदी ने जताया शोक, हाल में हुई मुलाकात को किया याद
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिवराज पाटिल के निधन पर शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पाटिल एक अनुभवी नेता थे, जिन्होंने अपना जीवन जनसेवा के लिए समर्पित कर दिया था।
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिवराज पाटिल के निधन पर शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पाटिल एक अनुभवी नेता थे, जिन्होंने अपना जीवन जनसेवा के लिए समर्पित कर दिया था। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने पाटिल के निधन पर गहरा शोक जताते हुए कहा कि उन्होंने अपने लंबे और गौरवशाली सार्वजनिक जीवन में विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्री, महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष और लोकसभा अध्यक्ष सहित विभिन्न पदों पर रहकर देश की सेवा की। वो समाज कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटूट निष्ठा के लिए जाने जाते थे।
प्रधानमंत्री ने शिवराज पाटिल के साथ उनके जीवनकाल में हुई अपनी कई भेटों को याद करते हुए कहा कि उनसे सबसे हाल की मुलाकात कुछ महीने पहले हुई थी जब वो उनके आवास पर आए थे।
पीएम मोदी ने एक्स पर किया अलग-अलग भाषाओं में पोस्ट
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा- शिवराज पाटिल जी के निधन से मुझे गहरा दुःख हुआ है। वे एक अनुभवी नेता थे। उन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्री, महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष और लोकसभा अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। वे समाज कल्याण में योगदान देने के लिए अत्यंत समर्पित थे। वर्षों से मेरा उनसे कई बार संपर्क रहा, जिनमें से सबसे हाल की भेंट कुछ महीने पहले मेरे आवास पर हुई थी। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। ऊँ शांति। इसके अलावा पीएम मोदी ने मराठी और अंग्रेजी में एक्स पर पोस्ट कर अपनी संवेदना व्यक्त की।
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शिवराज पाटिल के बारे में जानिए
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का आज यानी शुक्रवार की सुबह महाराष्ट्र के लातूर में निधन हो गया। उन्होंने 91 साल की उम्र में अंतिम सांस ली और दुनिया को अलविदा कहा। पाटिल अपने पूरे राजनीतिक जीवन में सात बार लोकसभा सांसद रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री, रक्षा राज्य मंत्री और राज्यपाल जैसे बड़े-बड़े पदों को भी संभाला। ऐसे में इस बात को देखते को ये कहना गलत नहीं होगा कि राजनीति की दुनिया में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है।
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शिवराज पाटिल का जन्म 12 अक्तूबर 1935 को महाराष्ट्र के लातूर जिले के चाकूर गांव में हुआ था। सरल और मेहनती परिवार के रहने वाले शिवराज पाटिल ने अपने जीनव की शुरुआत शिक्षा और कानून की पढ़ाई से की। इसके बाद धीरे‑धीरे उन्होंने राजनीति में कदम रखा। कदम भी वैसा कि जब भी भारत की राजनीति में मर्यादित भाव और आचरण का जिक्र होगा, शिवराज पाटिल का नाम सर्वप्रथम लिया जाएगा।