जिस दिन देश की शिर्ष सत्ता में गैर हिंदू बैठा, भारत सेक्‍युलर नहीं रहेगा...ईरान-ईराक का जिक्र कर रिपब्‍लिक के मंच से मनोज मुंतशिर ने बता दिया सच

मनोज मुंतशिर ने आगे कहा कि सेक्‍युलर होना उन देशों के लिए जरूरी है जो चर्च से चलते हैं या फिर धर्म के ठेकेदार चलाते हैं। भारत में कभी ऐसा हुआ ही नहीं।

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republic summit Mumbai “I am not secular; I am Hindu, and that is enough” Manoj Muntashir talks about controversy and more
जिस दिन देश की शिर्ष सत्ता में गैर हिंदू बैठा, भारत सेक्‍युलर नहीं रहेगा...ईरान-ईराक का जिक्र कर रिपब्‍लिक के मंच से मनोज मुंतशिर ने बता दिया सच | Image: Video Grab

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के समिट का आगाज हो गया है। मुंबई में नरीमन पॉइंट के पास ट्राइडेंट होटल में आयोजित हो रहे रिपब्लिक समिट का थीम Turning Challenge Into Opportunity (चुनौतियों को अवसर में बदलना) है। कार्यक्रम में महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बतौर चीफ गेस्ट शामिल होंगे। उनके अलावा राजनीति से लेकर मनोरंजन, व्यापार समेत अलग-अलग क्षेत्रों की दिग्गज हस्तियां भी शिरकत करेंगी।

समिट की शुरूआत जाने माने गीतकार और लेखक मनोज मुंतशिर से हुई। मनोज मुंतशिर से जब ये सवाल पूछा गया कि आप क्‍यों कहते हैं कि आप सेक्‍युलर नहीं है? तो इसके जवाब में उन्‍होंने कहा- सेक्‍युलर होना मेरी कोई जिम्‍मेदारी नहीं है। उन्‍होंने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर के संविधान में सेक्‍युलर नाम का कोई शब्‍द ही नहीं था। उन्‍होंने इमरजेंसी के वक्‍त को याद करते हुए कहा कि '1976 में जब देश में इमरजेंसी थी, देश का लोकतंत्र सस्‍पेंड था, लोगों को सलाखों के पीछे धकेल दिया गया था तो उस वक्‍त संविधान में संशोधन कर सेक्‍युलर शब्‍द जोड़ा गया।

जिस दिन देश की शिर्ष सत्ता में गैर हिंदू बैठा उस दिन से भारत सेक्‍युलर नहीं रहेगा...

मनोज मुंतशिर ने आगे कहा कि सेक्‍युलर होना उन देशों के लिए जरूरी है जो चर्च से चलते हैं या फिर धर्म के ठेकेदार चलाते हैं। भारत में कभी ऐसा हुआ ही नहीं। यहां कभी किसी मदरसे, गुरूद्वारे, शिवायल या फिर चर्च ने सरकार और सिस्‍टम को कंट्रोल नहीं किया तो फिर हम सेक्‍युलर क्यूं हों? उन्‍होंने आगे कहा कि स्‍वामी विवेकानंद कहा करते थे कि गर्व से कहो हम हिंदू हैं। तो मेरे लिए इतना ही कहना काफी है कि मैं सेक्‍युलर नहीं हूं मैं हिंदू हूं।

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सेक्‍युलर की बात करने वालों को सीधा जवाब देते हुए मनोज मुंतशिर ने कहा कि जिन लोगों को सेक्‍युलर भारत से प्‍यार है उनको मैं बता दूं कि अगर देश को धर्म निरपेक्ष देखना है तो ये जरूरी है कि सत्ता पर कोई हिंदू काबिज हो। उन्‍होंने आगे कहा कि जिस दिन उस ऊंची कुर्सी पर कोई गै हिंदू बैठा ये देश सेक्‍युलर नहीं रह जाएगा इतिहास इसका गवाह है।

उदाहरण देते हुए मनोज ने बताया कि पर्शिया ईरान हो जाता है। मिशोपोटामिया ईराक हो जाता है। उन्‍होंने कहा कि मैं खुले तौर पर ये बात कहता हूं कि जहां इस्‍लाम सत्ता पर काबिज हो जाता है तो फिर वह‍ां किसी और संस्‍कृति किसी और सोच के लिए कोई जगह नहीं बचती। तो अगर आपको धर्मनिरपेक्ष भारत चाहिए तो ये बेहद जरूरी है कि कोई आजीवन इस देश का प्रधानमंत्री कोई हिंदू नेता ही बने। उन्‍हांने आखिरी में कहा-

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नसों में सूर्यवंशी स्‍वाभिमान था और है 
सनातन से ही भगवा आसमान था और है ।
शिवाजी और नानक को कहते हैं ह‍म पिता अपना 
हमारे बाप का हिंदुस्‍तान था और है।

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Published By:
 Ankur Shrivastava
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