फर्जी दस्तावेज से पासपोर्ट बनवाने के 15 साल पुराने मामले में आचार्य बालकृष्ण को राहत, CBI कोर्ट ने किया बरी
आचार्य बालकृष्ण को सोमवार को 15 साल पुराने कानूनी मामले से मुक्ति मिल चुकी है। देहरादून की विशेष सीबीआई अदालत ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया।
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पतंजलि योगपीठ और पतंजलि आयुर्वेद के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण को सोमवार को 15 साल पुराने कानूनी मामले से मुक्ति मिल चुकी है। देहरादून की विशेष सीबीआई अदालत ने सोमवार को एक मामले में फैसला सुनाया और उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया।
क्या था मामला
आचार्य बालकृष्ण पर 15 वर्ष पहले आरोप लगाया गया था कि उन्होंने फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के इस्तेमाल से अपना पासपोर्ट बनवाया है। सन 2011 में इस मामले को लेकर शिकायत दर्ज हुई थी। जिसके बाद जून 2011 में शुरुआती जांच के बाद जुलाई 2011 में एफआईआर दर्ज हुई थी। आचार्य बालकृष्ण को फँसाने के लिए उन पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उन्हें असली दस्तावेज के नाम पर इस्तेमाल करने के साथ पासपोर्ट एक्ट की धाराएं लगाई गई थीं। इस मामले में उनके खिलाफ आपराधिक धाराओं और पासपोर्ट अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी।
आचार्य बालकृष्ण के वकील प्रवीण सेठ ने बताया कि सीबीआई ने आरोप लगाते हुए कहा गया था कि आचार्य बालकृष्ण भारतीय नहीं बल्कि नेपाली सिटीजन है। सीबीआई ने कहा कि आचार्य बालकृष्ण ने भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल किया है। इसी की जांच के लिए उनपर एफआईआर दर्ज कर मुकदमा चलाया गया।
अब हुए सभी आरोपों से बारी
लेकिन आज सोमवार 7 सितंबर को सीबीआई की विशेष अदालत ने आचार्य बालकृष्ण को इस लंबित मुकदमे में क्लीन चिट देते हुए अभी आरोपों से बारी कर दिया है।
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सत्य की विजय हुई- आचार्य बालकृष्ण
आचार्य बालकृष्ण ने एक्स पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रिया जाहीर करते हुए कहा “विगत 15 वर्षों से एक झूठे मुक़दमे में फंसाकर अपमान एवं अपयश व मानसिक प्रताड़ना में झोंककर भीतर तक तोड़ने का असफल प्रयास किया,अंततः ईशवरीय कृपा, गुरुसत्ता,बड़ों के आशीर्वाद एवं आप सब के प्रेम, प्रार्थना व सद्भावनाओं से CBI न्यायालय द्वारा सत्य की विजय हुई | आप सबकी सहृदयता, प्रेम व आशीर्वाद के लिए हृदय की गहराइयों से कृतज्ञता व प्रणाम”।
स्वामी रामदेव भी बोले
इस मामले में स्वामी रामदेव ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। आज 15 वर्षों से चल रहे झूठे मामले में सीबीआई कोर्ट देहरादून ने सभी आरोपों को ध्वस्त करते हुए पूज्य आचार्य बालकृष्ण को निर्दोष साबित किया है।