TMC की बागी सांसद काकोली घोष के बेटे ने ममता बनर्जी को भेजा कानूनी नोटिस, 15 दिनों के अंदर माफी की डिमांड; जानिए बैद्यनाथ घोष ने क्यों किया ऐसा?

Kakoli Ghosh Dastidar: बागी टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे डॉ. बैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने ममता बनर्जी समेत कई दिग्गज नेताओं को कानूनी नोटिस भेजा है।

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Mamata Banerjee Kakoli Ghosh Dastidar
Mamata Banerjee Kakoli Ghosh Dastidar | Image: ANI/FB

TMC Controversy: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही है। पार्टी में जारी घमासान थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। अब टीएमसी की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे डॉ. बैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने ममता बनर्जी समेत पार्टी के कई दिग्गज नेताओं को कानूनी नोटिस भेजा है।

इस नोटिस में ममता बनर्जी के अलावा टीएमसी के कई फायरब्रांड और कद्दावर नेताओं के नाम शामिल हैं। नोटिस पाने वाले नेताओं में महुआ मोइत्रा, कल्याण बनर्जी, सौगत रॉय और सोनाली गुहा जैसे बड़े नाम हैं।

टिकट मांगने के आरोपों पर भेजा नोटिस

नोटिस में बैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने उन आरोपों को खारिज किया है जिसमें कहा गया है कि उन्होंने बारासात विधानसभा क्षेत्र से MLA का टिकट मांगा था। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उनकी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं थी।

15 दिनों के अंदर की माफी की मांग

इसके साथ ही उन्होंने नोटिस मिलने के 15 दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी और बयानों पर स्पष्टीकरण देने की मांग की है। ऐसा नहीं करने पर वह मानहानि की सख्त कानूनी कार्यवाही शुरू करेंगे।

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कानूनी नोटिस के मुताबिक, डॉ. बैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने स्पष्ट किया कि उनकी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं थी। उन्होंने बारासात विधानसभा क्षेत्र से किसी भी राजनीतिक नामांकन की न तो मांग की थी और न ही इच्छा जाहिर की थी। इस संबंध में उनके निजी आचरण या चरित्र के बारे में किए गए कोई भी दावे पूरी तरह से झूठे और गुमराह करने वाले हैं।

माफी नहीं मांगने पर होगी कानूनी कार्रवाई 

नोटिस में कहा गया है कि इन नेताओं को खुले मंच से यह स्वीकार करना होगा कि डॉ. बैद्यनाथ ने बारासात विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से न तो कोई राजनीतिक नामांकन मांगा था और न ही उनकी ऐसी कोई इच्छा थी। इसके साथ ही उनके व्यक्तिगत आचरण, करियर या चरित्र के संबंध में दिए गए सभी गलत बयानों को तत्काल प्रभाव से सुधारने और वापस लेने की चेतावनी भी दी गई है। अगर तय समय तक ऐसा नहीं किया या, तो नेताओं को कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहने की बात कही गई है।

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Published By:
 Priyanka Yadav
पब्लिश्ड