राणा सांगा विवाद के बीच CM योगी ने दी श्रद्धांजलि, बोले- वीरता-देशभक्ति और धर्म की रक्षा के लिए...

समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन ने 16वीं सदी के राजपूत राजा राणा सांगा पर अपने बयान से विवाद खड़ा किया था। विवाद के बीच शनिवार को राणा की जयंती मनाई गई।

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CM Yogi Adityanath
CM Yogi Adityanath | Image: PTI

Rana Sanga: राणा सांगा पर समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन की टिप्पणी को लेकर विवाद सुलगा हुआ है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राजपूत राजा राणा सांगा को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान राणा सांगा की वीरता, देशभक्ति और "धर्म" की रक्षा के लिए उनके अटूट समर्पण को याद किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'X' पर एक पोस्ट में लिखा- 'धर्म की रक्षा के लिए समर्पित पराक्रमी योद्धा राणा सांगा की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि! उनकी देशभक्ति और बलिदान की गाथा इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय है। उनकी वीरता आने वाली पीढ़ियों को भारत की धरती पर गर्व और प्रेरणा देती रहेगी।' इस तरीके से इशारों में ये समाजवादी पार्टी को भी जवाब है, जिसके सांसद ने राणा सांगा पर सवाल उठाने की कोशिश की थी।

रामजी लाल सुमन ने खड़ा किया विवाद

समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन ने 16वीं सदी के राजपूत राजा राणा सांगा पर अपने बयान से विवाद खड़ा किया था। उन्होंने कथित तौर पर मुगल वंश के संस्थापक बाबर को इब्राहिम लोदी को हराने के लिए लाने के लिए उन्हें देशद्रोही कहा था। राणा सांगा, जिन्हें संग्राम सिंह प्रथम के नाम से भी जाना जाता है, 1508 से 1528 तक मेवाड़ के शासक थे और अपनी बहादुरी और बलिदान के लिए जाने जाते हैं। सुमन के बयान की व्यापक रूप से आलोचना की गई, जिसमें कई लोगों ने माफी मांगने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

विवाद के बीच हुआ रामजी लाल के घर पर हमला

मामला इतना गर्माया कि 26 मार्च को आगरा में सपा सांसद सुमन के आवास के बाहर हिंसा भड़क उठी थी। अज्ञात व्यक्तियों ने पथराव किया, खिड़कियों के शीशे तोड़े और बाहर खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ की। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि हमले के दौरान जिले में मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हमले के लिए सहमति दी। अखिलेश यादव ने कहा, 'रामजी लाल सुमन के साथ हुई घटना दुखद है और इसकी निंदा की जानी चाहिए। रामजी लाल सुमन दलित सांसद हैं और उनके पास काफी अनुभव है और उनके आवास पर हमला तब हुआ जब मुख्यमंत्री खुद जिले में थे। यह हमला यूपी के मुख्यमंत्री की सहमति से हुआ।'

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Published By:
 Dalchand Kumar
पब्लिश्ड