'अचार के कारोबार से देश के सबसे बड़े मीडिया टाइकून तक...', ऐसा रहा रामोजी राव का सफर

भारत के जाने-माने मीडिया टाइकून, रामोजी ग्रुप के चेयरमेन और पद्म विभूषण से सम्मानित रामोजी राव का 8 जून की सुबह निधन हो गया। जानते हैं उनके सफर के बारे में।

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 Ramoji Rao Passed Away
रामोजी राव का निधन | Image: PTI

भारत के जाने-माने मीडिया टाइकून, रामोजी ग्रुप के चेयरमेन और पद्म विभूषण से सम्मानित रामोजी राव का 8 जून की सुबह निधन हो गया। ब्लड प्रेशर और सांस फूलने की शिकायत के बाद उन्हें 5 जून को हैदराबाद के स्टार हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान रामोजी राव ने शनिवार की सुबह करीब 3:45 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन पर साउथ और मीडिया इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है।

रामोजी राव के जीवन परिचय की बात करें तो उनका जन्म 16 नवंबर 1936 में आंध्र प्रदेश के पेडापरुपुडी में एक किसान परिवार में हुआ था। उनका पूरा नाम चेरूकुरी रामोजी राव था। 87 साल के अपने जीवन के सफर में उन्होंने आपार सफलताएं हासिल की। मीडिया इंडस्ट्री को रामोजी ने अलग पहचान दी। उन्होंने दुनिया को सबसे बड़ा थीम पार्क और फिल्म स्टूडियों भी दिया।

किसान परिवार में रामोजी राव का जन्म

रामोजी एक किसान परिवार से तालुकात रखने वाले साधारण व्यक्ति थे। उनकी साधारण शुरुआत से अपार सफलता तक की जर्नी वास्तव में सभी के लिए इंस्पायरिंग है। उन्होंने 1969 में एक पत्रिका के माध्यम से मीडिया क्षेत्र में कदम रखा था। उनका मानना था कि मीडिया कोई बिजनेस नहीं है। एक मीडिया दिग्गज के रूप में रामोजी राव ने तेलुगु राजनीति पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला था। कई राज्य और राष्ट्रीय नेताओं के साथ उनके काफी अच्छे संबंध थे।

इन कारोबार से जुड़े थे रामोजी

पत्रकारिता के साथ-साथ रामोजी को उनके साहित्य, सिनेमा, शिक्षा और व्यापार में भी उत्कृष्ट योगदान के लिए जाना जाता है। वो रामोजी ग्रुप के प्रमुख थे जिसमें दुनिया की सबसे बड़ी फिल्म प्रोडक्शन फैसेलिटीज , तेलुगु न्यूज पेपर, ईनाडु, ईटीवी नेटवर्क और फिल्म निर्माण कंपनी उषा किरण मूवीज शामिल है।

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प्रिया आचार ने दिलाई थी पहचान

रामोजी ने करियर की शुरूआत छोटे से आचार के कारोबार से किया था। रंगारेड्डी जिला  में आज भी प्रिया आचार लोगों की पहली पसंद है। शहर के बाजार में ही नहीं फिल्म सिटी में भी आज तक ये आचार मिलता है। उनके अन्य कारोबारों में मार्गदर्शी चिट फंंड, डॉल्फिन ग्रुप ऑफ होटल्स, कलंजलि शॉपिंग मॉल और मयुरी फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर्स शामिल था।

सबसे बड़े फिल्म सिटी का निर्माण

रमोजी के सबसे बड़ी उपलब्धि में रामोजी फिल्म सिटी को माना जाता है। इसकी स्थापना 1996 में की गई थी। यह 1666 एकड़ में फील है। रामोजी फिल्म सिटी न केवल फिल्म स्टूडियो है बल्कि यह एक पर्यटकों के लिए भी आकर्षण के केंद्र है। इसमें बड़े-बड़े फिल्म सेट, गार्डन, होटल और फिल्म टेलीविजन प्रोडक्शव के विए विश्व स्तरीय सुविधाएं मौजूद हैं।

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पद्म विभूषण समान से सम्मानित

मीडिया जगत और तेलुगु सिनेमा में रामोजी के अहम योगदान के लिए कई सम्मान से सम्मानित भी किया गया। जिसमें  देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण (2016) भी शामिल हैं। इसके अलावा उन्हें रामिनेनी फाउंडेशन पुरस्कार और फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार भी मिल चुके हैं। सामाजिक कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए भी रामोजी को जाना जाता है। 

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Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड