अपडेटेड 11 January 2026 at 19:12 IST
'वो दिन में सपने देख रहे, भारत में कोई महिला PM बनी तो साड़ी पहनेगी...', ओवैसी के बुर्का वाले बयान पर बोले रामभद्राचार्य; नाम गिनाकर करा दिया चुप
AIMIM प्रमुख ओवैसी के 'हिजाब वाली बेटी PM बनेगी' वाले बयान का शोर राजनीतिक गलियारों से होकर संत समाज तक पहुंच गया है। जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने उन्हें करारा जवाब दिया है।
- भारत
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Rambhadracharya on Asaduddin Owaisi Statement: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के चीफ असदुद्दीन ओवैसी के 'हिजाब वाली बेटी PM बनेगी' वाले बयान पर बवाल मचा है। जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने अब उनके बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
दरअसल, ओवैसी ने महाराष्ट्र के सोलापुर में शनिवार (10 जनवरी) को कहा था कि 'पाकिस्तान का संविधान साफ-साफ कहता है कि सिर्फ एक धर्म का व्यक्ति ही देश का प्रधानमंत्री बन सकता है। बाबा साहेब का संविधान कहता है कि भारत का कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री, CM या मेयर बन सकता है। मेरा सपना है कि एक दिन ऐसा आएगा जब हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बनेगी।'
वह दिन में सपने देख रहे- रामभद्राचार्य
ओवैसी के बयान पर रामभद्राचार्य ने कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है। अब्दुल कलाम को राष्ट्रपति बनाया गया। हामिद अंसारी को उपराष्ट्रपति बनाया गया। उन्हें और क्या चाहिए? वह दिन में सपने देख रहे हैं। अगर भारत में कोई महिला PM बनती है, तो वह साड़ी पहनेगी।'
हिमंता बिस्वा सरमा का ओवैसी पर प्रहार
ओवैसी के बयान पर सियासत भी शुरू हो चुकी है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी उनके बयान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा था कि 'संविधान के हिसाब से कोई रोक नहीं है। कोई भी प्रधानमंत्री बन सकता है। लेकिन भारत एक हिंदू राष्ट्र है, हिंदू सभ्यता है, और हम हमेशा यह मानेंगे और हमें पूरा भरोसा है कि भारत का प्रधानमंत्री हमेशा एक हिंदू व्यक्ति ही होगा।'
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ओवैसी का हिमंता पर पलटवार
असदुद्दीन ओवैसी ने हिमंता बिस्वा पर तंज कसते हुए उन्हें ट्यूबलाइट करार दिया। ओवैसी ने कहा, 'उनके दिमाग में 'ट्यूबलाइट' है। उन्होंने संविधान की कसम खाई है। संविधान में यह कहां लिखा है? पाकिस्तान के संविधान में लिखा है कि सिर्फ एक समुदाय का व्यक्ति उस देश का PM और राष्ट्रपति बन सकता है।'
उन्होंने आगे कहा, 'हमारे देश में, बाबा साहेब अंबेडकर ने संविधान दिया। वे हिमंत बिस्वा सरमा से ज्यादा समझदार और पढ़े-लिखे थे। दुर्भाग्य से, जो लोग संविधान और उसकी भावना को नहीं समझते हैं, वे कहते हैं कि यह देश सिर्फ एक समुदाय का नहीं है। यह इस देश की खूबसूरती है कि यह उन लोगों के लिए है जो भगवान में विश्वास नहीं करते। उनकी (असम CM) छोटी सोच है। इसलिए, वे ऐसी छोटी बातें कहते हैं।'
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Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 11 January 2026 at 19:12 IST