'जैसे कैंसर का इलाज क्रोसिन से नहीं हो सकता, वैसे ही पेपर लीक का समाधान...', राज्यसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर बोले राघव चड्ढा
BJP सांसद राघव ने राज्यसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर और परीक्षा में सुधार के मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, छात्रों की आवाज मायने रखती है।
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आम आदमी पार्टी (AAP) का साथ छोड़कर BJP का दामन थामने वाले राघव चड्ढा ने एक बार फिर राज्यसभा में एंटी पेपर लीक बिल और परीक्षा में सुधार के मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने पंजाब में फार्मेसी परीक्षा और कर्नाटक में SSLC परीक्षा लीक को लेकर सवाल उठाया। चड्ढा ने कहा कि छात्रों की समस्या के समाधान के लिए ही सरकार एंटी पेपर बिल लेकर आई है और अब विपक्ष इस पर भी सवाल खड़ी कर रहे हैं।
BJP सांसद राघव ने राज्यसभा में कहा, जैसे कैंसर का इलाज क्रोसिन से नहीं हो सकता, वैसे ही पेपर लीक का समाधान मीडिया साउंडबाइट्स से नहीं, बल्कि संस्थागत समाधानों से ही हो सकता है। हमारी सरकार आज भारत का पहला एंटी-पेपर लीक फ्रेमवर्क लाकर यही करने जा रही है। छात्रों की आवाज मायने रखती है। जब आपने अपनी चिंता जाहिर की और मांग की कि प्रधानमंत्री आपकी बात न सिर्फ प्रधानमंत्री के तौर पर, बल्कि एक अभिभावक के तौर पर भी सुनें, तो उन्होंने परिवार के मुखिया की तरह आपकी बात सुनी।"
हमने पेपर लीक को भी गंभीर अपराधों की श्रेणी में रखा-राघव चड्ढा
फास्ट-ट्रैक कोर्ट का उदाहरण देते हुए चड्ढा ने कहा, "फास्ट-ट्रैक कोर्ट गंभीर अपराधों, जैसे महिलाओं के खिलाफ अपराध, रेप और POCSO जैसे अपराधों के लिए बनाए जाते हैं। आज हमने पेपर लीक को भी उन्हीं गंभीर अपराधों की श्रेणी में शामिल किया है। राजनीतिक याददाश्त चुनिंदा हो सकती है, लेकिन सार्वजनिक रिकॉर्ड चुनिंदा नहीं हो सकते। अगर किसी राष्ट्रीय परीक्षा का पेपर लीक एक राष्ट्रीय संकट है, तो विपक्ष-शासित राज्य में पेपर लीक एक स्थानीय घटना कैसे हो सकती है?"
NEET छात्रों का दर्द असली है-राघव चड्ढा
"अगर NEET छात्रों का दर्द असली है, तो पंजाब में फार्मेसी परीक्षा और कर्नाटक में SSLC परीक्षा के छात्रों का दर्द भी असली है। जब राजनीतिक नेता विरोध-प्रदर्शन के दौरान छात्रों को बैरिकेड्स के सामने भेजते हैं और खुद कैमरे के सुरक्षित दायरे में रहते हैं, तो यह कैसी साझेदारी है। जहां जोखिम मेरा और रील आपकी? छात्रों का आंदोलन किसी फ्लॉप राजनीतिक पार्टी की वापसी के लिए नहीं है। मैं विपक्षी पार्टियों से कहना चाहता हूं कि छात्रों की भावनाओं का इस्तेमाल अपने राजनीतिक प्रचार के लिए न करें।"
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यह लड़ाई मेरिट बनाम माफिया की है-राघव चड्ढा
आखिर में राघव चड्ढा ने कहा, "यह लड़ाई बीजेपी बनाम कांग्रेस की नहीं है। यह लड़ाई मेरिट बनाम माफिया की है। कड़ी मेहनत बनाम सेटिंग की है। आज मेरी भूमिका सिस्टम को ठीक करने की है। इसीलिए मैंने ख़ुद से वादा किया था कि जब हम इस समस्या का समाधान कर लेंगे, तभी संसद में इस मुद्दे पर बात करूंगा और आज वह ऐतिहासिक दिन है जब सिस्टम ठीक हो रहा है।"