जिस गाय को PM मोदी खिला रहे थे खाना, उसी के दूध से लगता है तिरुपति बालाजी को भोग; जानिए उसकी खासियत
PM Modi Punganur Cow News: पीएम मोदी मकर संक्रांति के अवसर पर पुंगनूर नस्ल की गायों को खाना खिलाते हुए दिखे थे। आइए उन गायों की खासियत जानते हैं।
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PM Modi Punganur Cow News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (14 जनवरी) को पोंगल/मकर संक्रांति के मौके पर अपने आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर गायों को खाना खिलाया। प्रधान मंत्री कार्यालय द्वारा जारी की गई तस्वीरों में पीएम को लगभग छह मवेशियों के समूह को हरा चारा खिलाते देखा गया था। आपको बता दें कि पीएम मोदी की हर गतिविधि का कोई न कोई खास महत्व होता है। उसी तरह, जिस गाय को वो खाना खिला रहे थे, वो भी काफी खास मानी जाती हैं। यहां तक कि उन्हीं पुंगनूर नस्ल की गायों के दूध का इस्तेमाल प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर सहित दक्षिण भारत के कई मंदिरों में भोग लगाने के लिए भी किया जाता है।
स्टोरी की खास बातें
- क्या है पुंगनूर गायों की खासियत?
- मकर संक्रांति के बाद फिर चर्चा में आई ये गाय
- जानिए इन गायों का धार्मिक महत्व
क्या है पुंगनूर गायों की खासियत?
आंध्रप्रदेश के चित्तूर जिले में पाई जाने वाली इन गायों का नाम पुंगनूर गांव के नाम पर रखा गया है। ये अपनी छोटी हाइट की वजह से काफी प्रसिद्ध भी हैं। इन गायों का कद 3 फीट होता है और ये 5 किलों चारे में ही अपने गुजारा कर लेती हैं। ये एक दिन में डेढ़ लीटर दूध ही दे सकती हैं।
आपको बता दें कि एक वक्त ऐसा भी था जब इन गायों की संख्या 13000 से ज्यादा थी, लेकिन अब इनकी संख्या करीब 200 ही रह गई है। इनके मूत्र और गोबर की भी काफी वैल्यू होती है। इनका इस्तेमाल मेडिसिन के रूप में भी किया जाता है।
इन गायों का धार्मिक महत्व
बताया जाता है कि दक्षिण भारत में इन गायों को भगवान का दर्जा दिया जाता है। वहां के लोगों में मान्यता है कि इन गायों में लक्ष्मी माता वास करती हैं, जिसके कारण घर-घर में इनकी पूजा भी की जाती है। पुंगनूर नस्ल की गायों के दूध का इस्तेमाल मंदिरों में क्षीराभिषेक के लिए भी किया जाता है।