पुणे सीरियल ब्लास्ट के आरोपी असलम शेख की हत्या, कब्रिस्तान से लौटते समय अज्ञात हमलावरों ने गोलियों से भूना; CCTV में वारदात कैद
अहिल्यानगर जिले के श्रीरामपुर शहर में पुणे सीरियल ब्लास्ट के आरोपी असलम शेख की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अज्ञात हमलावरों ने असलम शेख को गोलियों से भून डाला। पूरी वारदात CCTV में कैद हुई है।
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पुणे सीरियल ब्लास्ट के आरोपी असलम शेख उर्फ बंटी जहागीरदार की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। कब्रिस्तान से लौटते समय घात लगाए बैठे अज्ञात हमलावरों ने असलम शेख को गोलियों से भून डाला। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक 2023 से जमानत पर रिहा था। पूरा घटना सड़क किनारे लगे CCTV में कैद हुई है।
अहिल्यानगर जिले के श्रीरामपुर शहर में बुधवार दोपहर को एक बड़ी वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया। 2012 के पुणे जंगली महाराज रोड सीरियल बम ब्लास्ट मामले के आरोपी असलम शब्बीर शेख उर्फ बंटी जहागीरदार (उम्र 51) की दो बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर हत्या कर दी। इस हमले के पीछे का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है।
कब्रिस्तान से लौटते समय किया हमला
जानकारी के अनुसार, बंटी शेख श्रीरामपुर में एक अंतिम संस्कार में शामिल होने गया था। कब्रिस्तान से अपने एक दोस्त के साथ वो स्कूटी से वापस लौट रहा था। शहर के जर्मन हॉस्पिटल के सामने मुख्य गेट के पास अज्ञात हमलावरों ने उस पर गोलियां चलाईं। गंभीर रूप से घायल बंटी को तत्काल पास के अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने गंभीर हालात देखते हुए उसे अहिल्यानगर रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पूरी वारदात CCTV में कैद
बंटी जहागीरदार पर गोलीबारी के बाद हमलावरों के फरार होने का CCTV वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसी वीडियो के आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आसपास के और भी सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
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कौन था असलम शेख?
गौरतलब है कि अगस्त 2012 में पुणे में हुए बम धमाके के मामले में बंटी जहागीरदार को साल 2013 में गिरफ्तार किया गया था। एटीएस ने धमाकों के संदिग्धों को हथियार सप्लाई करने के आरोप में जहागीरदार को गिरफ्तार किया था। बाद में 2023 में उसे जमानत पर रिहा किया गया था। वह इस मामले में सह-आरोपी था। 2023 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने उसे इस मामले में जमानत दी थी। इसके अलावा श्रीरामपुर में उसके खिलाफ अन्य कई आपराधिक मामले भी दर्ज थे, जिसके चलते उसे कई बार तड़ीपार भी किया गया था। बता दें कि 1 अगस्त 2012 को 5 सिलसिलेवार ब्लास्ट पुणे के जेएम रोड पर हुआ था, जिससे पूरा शहर हिल गया था।