अपडेटेड 1 January 2026 at 09:54 IST
MP: इंदौर में दूषित पानी से 7 की मौत, भारी विरोध के बीच सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान, मरीजों का होगा फ्री इलाज
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी की वजह से फैले संक्रमण ने गंभीर रूप ले लिया है। हालात को देखते हुए सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है।
- भारत
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मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में दूषित पानी का मामला गंभीर होता जा रहा है। अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 150 से अधिक लोग बीमार बताए जा रहे हैं। मुख्य जल आपूर्ति लाइन में लीकेज के कारण सीवरेज का पानी मिलने से सैकड़ों लोग उल्टी-दस्त के शिकार हो गए हैं। सरकार के खिलाफ लोगों के भारी आक्रोश के बीच मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है।
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी की वजह से फैले संक्रमण ने गंभीर रूप ले लिया है। हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को विशेष विमान से इंदौर पहुंचे। स्थिति का जायजा लेने के साथ ही सीएम ने अस्पताल जाकर मरीजों सें मुलाकात की और उनका हाल जाना। एमजीएम मेडिकल कॉलेज में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। लगातार हो रही मौत की वजह से लोगों में सरकार को लेकर भारी आक्रोश है।
CM मोहन यादव ने दिए कड़े एक्शन के निर्देश
सीएम मोहन यादव के कड़े एक्शन के बाद पूरे नगर निगम महकमा में हड़कंप मच गया। मुख्यमंत्री ने पूरे घटनाक्रम को बेहद दुखद बताते हुए कलेक्टर को जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इंदौर के DM और नगर निगम कमिश्नर ने इलाका का दौरा करने पहुंचे। नगर निगम घरों में पानी सप्लाई कर रहा है और जिन लोगों में कोई लक्षण दिख रहे हैं, उनके लिए एम्बुलेंस तैनात की गई हैं।
कैलाश विजयवर्गीय ने किया मुआवजे का ऐलान
इधर मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दूषित पानी से प्रभावित मरीजों पर कहा, "जिनकी भी मृत्यु हुई है उनको हम 2-2 लाख रुपए देंगे। जितने भी मरीज आए हैं, हम सबका नि:शुल्क इलाज करा रहे है। यहां पर 5 एंबुलेंस मौजूद हैं गंभीर मरीज को हम तत्काल अस्पताल भेज रहे हैं। कल से मरीजों की आने की संख्या कम हुई है। कल से रातभर में 60 मरीज आए हैं जिसमें से आधे से ज्यादा लोगों को प्राथमिक उपचार देने के बाद वापस भेज दिया गया है। गंभीर को अस्पताल भेज दिया गया है।'
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क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, भागीरथपुरा क्षेत्र में 24 दिसंबर से लगातार लोग बीमार हो रहे थे। शुरुआत में कुछ मरीज आए थे लेकिन धीरे-धीरे संख्या बढ़ने लगी। ज्यादातर मरीजों को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि भागीरथपुरा क्षेत्र की मुख्य नर्मदा जल आपूर्ति पाइपलाइन में लीकेज था, जो एक शौचालय के नीचे स्थित था। इससे दूषित पानी की मिलावट हुई। अब नगर निगम टैंकरों से स्वच्छ पानी की आपूर्ति कर रहा है, जबकि स्वास्थ्य टीमें घर-घर सर्वे कर रही हैं।
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Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 1 January 2026 at 09:54 IST