फर्जी सर्टिफिकेट का बड़ा खेलः पूजा खेडकर की धोखाधड़ी का अंत नहीं! 12 बार कैसे दे दी UPSC की परीक्षा?
Pune: 2023 प्रोबेशनर IAS पूजा खेडकर UPSC परीक्षा देने की लिमिट को पार करने और नकली प्रमाणपत्रों का उपयोग करने के लिए जांच के दायरे में हैं।
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Pune: 2023-बैच की प्रोबेशनरी IAS अधिकारी पूजा खेडकर के खिलाफ UPSC द्वारा कड़ी कार्रवाई के बाद नई जानकारी सामने आई है। खेडकर पर सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रयासों की अधिकतम संख्या से अधिक बार परीक्षा देने को लेकर बड़ी धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है।
उसने अधिकतम 9 प्रयासों के बजाय 12 प्रयास किए और अपनी पहचान गलत बताकर अतिरिक्त मौके हासिल करने के लिए नकली विकलांगता प्रमाणपत्र का इस्तेमाल किया। दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और IT और विकलांगता अधिनियम के उल्लंघन के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की आगे की जांच क्राइम ब्रांच करेगी।
UPSC का कारण बताओ नोटिस
इससे पहले दिन में UPSC ने फर्जी पहचान दिखाकर सिविल सेवा परीक्षा में धोखाधड़ी का लाभ उठाने के लिए खेडकर के खिलाफ पुलिस मामला दर्ज करने सहित कई कार्रवाई की। UPSC ने सिविल सेवा परीक्षा 2022 के लिए उनकी उम्मीदवारी रद्द करने और भविष्य की परीक्षाओं से उनके संभावित बहिष्कार के संबंध में एक कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।
जांच से पता चला कि खेडकर ने परीक्षा नियमों से बचने के लिए अपने नाम, माता-पिता के नाम और कॉन्टैक्ट जानकारी सहित अपनी पहचान की डिटेल में हेरफेर किया। यह कदाचार पुणे जिला कलेक्टरेट में उनके कार्यकाल तक बढ़ा, जहां उन्होंने कथित तौर पर अपनी आधिकारिक स्थिति का दुरुपयोग किया और बिना अधिकार वाले भत्तों की मांग की। इन खुलासों के बाद खेडकर का वाशिम जिला कलेक्टरेट में ट्रांसफर कर दिया गया।
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UPSC ने क्या कहा?
UPSC ने अपनी परीक्षा प्रक्रियाओं की अखंडता बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया है कि विश्वास के ऐसे उल्लंघनों से सख्ती से निपटा जाए। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के अतिरिक्त सचिव मनोज कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में एक सदस्यीय जांच समिति को आगे की जांच करने और दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने के लिए नियुक्त किया गया है।
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