'चौराहे की ड्रेस पहनाकर दूसरे प्लेनेट पर भेज दो', योगी के मंत्री से क्यों भिड़े अखिलेश? कर डाली मौर्य पर ऐसी टिप्पणी कि...
अखिलेश यादव से जब पूछा गया कि केशव प्रसाद मौर्य बोल रहे हैं कि विरासत में गद्दी मिल सकती है, काबिलियत नहीं। इस सवाल पर सपा प्रमुख के तेवर बदल गए।
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Akhilesh Yadav-Keshav Prasad Maurya: अखिलेश यादव और केशव प्रसाद मौर्य के बीच काफी दिनों से ठनी है। हालिया राजनीतिक लड़ाई में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के मुखिया पर तीखा हमला बोला था। इस हमले को लेकर रविवार को प्रयागराज में अखिलेश यादव से सवाल पूछ लिया गया। सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने पलटवार में कहा कि उनको (केशव प्रसाद मौर्य) को दूसरे प्लेनेट पर भेज देना चाहिए।
रविवार को जब अखिलेश यादव से प्रयागराज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछा गया कि 'केशव प्रसाद मौर्य बोल रहे हैं कि विरासत में गद्दी मिल सकती है, काबिलियत नहीं।' इस सवाल पर सपा प्रमुख के तेवर बदल गए। अखिलेश यादव ने कहा कि 'मैंने एक चौराहा देखा, वहां एक ड्रेस है। वो स्पेस सूट जैसा लग रहा है। वो ड्रेस पहनाकर उनको (केशव प्रसाद मौर्य) को दूसरे प्लेनेट पर भेज दो तो शायद उनको कोई लाभ होगा।'
अखिलेश और मौर्य में क्यों ठनी?
अखिलेश यादव और केशव प्रसाद मौर्य के बीच हालिया लड़ाई की शुरुआत एक इंटरव्यू के दौरान सपा प्रमुख के व्यवहार से शुरू हुई। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उस इंटरव्यू के दौरान कुछ लोगों पर बीजेपी समर्थक होने के आरोप लगाते हुए उन्हें बाहर करा दिया था। इस व्यवहार पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि 'विरासत में सियासत मिलने के बावजूद अखिलेश यादव आपके व्यवहार और संस्कार नहीं बदले। ये संघर्ष से सफलता हासिल करने वाले की भाषा नहीं हो सकती है। भगवान आपको बुद्धि दे।'
एक अलग पोस्ट में केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा- ‘अखिलेश यादव, नौटंकी बंद कीजिए। फर्जी PDA की हवा अब निकल चुकी है। आगरा में अपने ही सांसद रामजी लाल सुमन के बयान को वापस लेकर विवाद समाप्त किया जा सकता था, लेकिन आप और आपकी पार्टी के गुंडे सिर्फ आग में घी डालने का काम कर रहे हैं। देश को तोड़ने नहीं, जोड़ने की राजनीति कीजिए- राष्ट्रीय एकता का पाठ पढ़िए! जातिवाद,परिवारवाद,तुष्टिकरण की राजनीति का युग खत्म हो चुका है। आपकी मानसिकता और साजिश समाजवादी पार्टी को समाप्त वादी बना रही है।’ इन्हीं टिप्पणियों को लेकर फिलहाल अखिलेश यादव का जवाब आया है।